


पलामू. जिले के रामगढ प्रखंड क्षेत्र के नावाडीह पंचायत के मौजा हिसरा में लघु खनिज पट्टा के लिए उपायुक्त के निर्देश पर तेतरकुआं के पास धुमकुड़िया भवन में शनिवार को आमसभा हुई. इस आमसभा में मुख्य रूप से सदर अनुमंडल पदाधिकारी सुलोचना मीणा उपस्थित थीं. अध्यक्षता नावाडीह के मुखिया दयानंद प्रसाद ने की. पक्ष में 90-विपक्ष में 10 प्रतिशत ग्रामीणों ने सहमति दी.
मौके पर प्रखंड विकास पदाधिकारी प्रदीप कुमार दास, पंचायत समिति सदस्य पिंकी सोरेन, पंचायत सेवक मनीष कुमार सिंह, थाना प्रभारी ओमप्रकाश साह सहित अन्य जनप्रतिनिधि और हिसरा एवं नावाडीह के सैकड़ों ग्रामीण मौजूद थे.
आमसभा में माइंस खुलने और नहीं खोलने को लेकर जमकर हंगामा हुआ. अधिकतर लोग माइंस खुलने के पक्ष में थे, जबकि विरोध करने वालों की संख्या कम थी. नावाडीह और हिसरा के कुछ ग्रामीण विरोध कर रहे थे. खुलने का समर्थन करने के पीछे रोजगार मिलने की संभावना थी.
आमसभा के दौरान सदर एसडीओ ने पक्ष और विपक्ष के लोगों को हाथ खड़े कर समर्थन देने और नहीं देने की बात कही. एसडीओ ने कहा कि आमसभा की वीडियोग्राफी करायी जा रही है. पक्ष और विपक्ष को काउंट कर निर्णय लिया जायेगा. उन्होंने बताया कि मौजा हिसरा के थाना 89 खाता नंबर 20, 36, 63 एवं 4 एवं प्लॉट 198, 200, 238, 243 व 240 में 5.89 एकड़ जमीन पर पत्थर खनन के लिए लघु खनीज पट्टा निर्गत करना है. उन्होंने बताया कि आमसभा में 300 से अधिक लोगों ने हस्ताक्षर और अंगूठे का निशान लगाकर अपनी उपस्थिति दर्ज करायी है.
माइंस का विरोध क्यों
आमसभा में माइंस का खुलकर विरोध किया गया. विरोध कर रहे ग्रामीणों ने कहा कि इससे पहले नावाडीह में माइंस खुला था, लेकिन वह आबादी वाले क्षेत्र से काफी दूर था. इस बार आबादी से सटकर माइंस खोला जा रहा है. पत्थर तोड़ने के क्रम में ब्लास्ट से उनके मकान गिर जायेंगे. दीप्ति निकेतन मिशन स्कूल से सटे माइंस होने के कारण डस्ट पड़ने से बच्चों पर बुरा असर पड़ेगा. सुरक्षित माहौल खराब हो जायेगा. गाड़ियों के आने जाने से दुर्घटना की संभावान बनेगी. प्रदूषण का खतरा बढ जायेगा. विरोध में दीप्ति निकेतन स्कूल से रैली निकाली जा रही थी, लेकिन उसे प्रशासन ने रोक दिया. ग्रामीणों के विरोध पर एसडीओ ने कहा कि घर से माइंस की दूरी नियमानुसार हो, इसके लिए नापी करायी जायेगी.



