


Chatra . चतरा जिले में झोलाछाप डॉक्टरों की लापरवाही से लगातार हो रही मौतों ने स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है. महज दो दिनों के भीतर इन फर्जी डॉक्टरों की वजह से दो मासूम जिंदगियां समय से पहले बुझ गईं. इस दर्दनाक घटनाक्रम ने न सिर्फ जिलेवासियों को झकझोर दिया है, बल्कि स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
पहली घटना हंटरगंज बाजार स्थित बालाजी जीवन रक्षा नर्सिंग होम की है. यहां 22 वर्षीय रंजू देवी को प्रसव के लिए भर्ती कराया गया था. बताया जा रहा है कि अवैध तरीके से संचालित इस क्लिनिक में महिला की हालत बिगड़ गई, लेकिन झोलाछाप डॉक्टर और स्टाफ उसे अस्पताल के बाहर छोड़कर फरार हो गए. हालत बिगड़ने के कारण महिला ने दम तोड़ दिया. घटना के बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने शव के साथ अस्पताल के बाहर जमकर हंगामा किया.
ग्रामीणों ने भी सड़क जाम कर दिया और प्रशासन से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की. बाद में पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया.
दूसरी घटना वशिष्ठ नगर के जोरी थाना क्षेत्र के धोबे गांव की है. यहां 4 वर्षीय मासूम ऋषि कुमार की मौत एक झोलाछाप डॉक्टर द्वारा गलत इंजेक्शन दिए जाने से हो गई. परिजनों के मुताबिक, बच्चे को सामान्य बीमारी थी लेकिन फर्जी डॉक्टर की लापरवाही ने उसकी जिंदगी छीन ली.
लगातार हो रही इन घटनाओं पर अब सिविल सर्जन जगदीश प्रसाद ने संज्ञान लिया है. उन्होंने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध क्लिनिक और झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. स्वास्थ्य विभाग ने भी ऐसे संस्थानों पर निगरानी बढ़ाने का आश्वासन दिया है.



