Patna. बिहार के पहले मुख्यमंत्री श्रीकृष्ण सिंह की जयंती के अवसर पर रविवार को पटना में आयोजित कार्यक्रम में मौजूद एक व्यक्ति की टिप्पणी ‘‘प्रधानमंत्री कहीं नहीं जाएंगे’’ के जवाब में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की इस टिप्पणी पर विवाद शुरू हो गया कि “मोदी का बाप भी जाएगा”। खरगे ने यह टिप्पणी उस वक्त की जब वह पटना में स्वतंत्रता सेनानी और बिहार के पहले मुख्यमंत्री श्रीकृष्ण सिंह की 139वीं जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। खरगे के इस बयान पर कि कांग्रेस विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं में शामिल लोगों को जेल भेजेगी, कार्यक्रम में मौजूद एक व्यक्ति चिल्लाया, ‘जब तक विद्रोह नहीं होगा, मोदी कहीं नहीं जाएंगे।’ कांग्रेस अध्यक्ष ने पलटवार करते हुए कहा, ‘मोदी का बाप भी जाएगा।

’ बिहार में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के नेताओं ने खरगे के बयान की निंदा की और उसे ‘दुर्भाग्यपूर्ण’’ बताते हुए कहा कि ये ‘कांग्रेस की हताशा और राजनीतिक शिष्टाचार की कमी’ को दर्शाता है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने एक बयान में कहा, ‘प्रधानमंत्री के खिलाफ इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करना जनादेश का अपमान है। खरगे उसी पटकथा पर चल रहे हैं, जिसे राहुल गांधी, सोनिया गांधी और उनके परिवार ने लिखा है। मोदी और उनके परिवार का अपमान करना कांग्रेस की पुरानी आदत रही है।’’
सरावगी ने कहा कि राजनीतिक मतभेदों के बावजूद सभी नेताओं को अपनी भाषा में मर्यादा बनाए रखनी चाहिए और सार्वजनिक जीवन में लोकतांत्रिक मूल्यों का सम्मान करना चाहिए।

उन्होंने दावा किया कि अपमानजनक भाषा से न तो मोदी का कद कम होगा और न ही उनके प्रति जनता का समर्थन घटेगा। उन्होंने कहा कि राजनीतिक संवाद का स्तर गिराने के लिए कांग्रेस को जनता के आक्रोश का सामना करना पड़ेगा। सरावगी ने कहा, ‘कांग्रेस को चुनावी हार के लिए दूसरों को दोष देने के बजाय आत्ममंथन करना चाहिए। मतदाता व्यक्तिगत हमलों और निराधार आरोपों के बजाय विकास, सुशासन और जवाबदेह नेतृत्व को प्राथमिकता देते हैं।’ जनता दल (यूनाइटेड) के वरिष्ठ नेता राजीव रंजन ने भी खरगे की टिप्पणी की निंदा की। उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस को आत्ममंथन करना चाहिए कि बिहार में उसकी सीटें घटकर छह क्यों रह गईं।’’

