
Ramgarh. रामगढ़ जिले के रजरप्पा मंदिर में कथित तौर पर एक श्रद्धालु की पिटाई करते हुए दिखाने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। यह घटना रविवार को मंदिर के निकास द्वार के पास हुई। वीडियो में चार. पांच पुलिसकर्मी एक श्रद्धालु की कथित तौर पर पिटाई करते हुए दिखाई दे रहे हैं। इसी बीच पुलिस अधीक्षक (एसपी) अजय कुमार ने मामले का संज्ञान लेते हुए चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया। एसपी ने कहा, “रजरप्पा मंदिर में ड्यूटी पर तैनात झारखंड आर्म्ड पुलिस (जेएपी) के चार कांस्टेबल को डीएसपी-सह अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी चंदन कुमार वत्स के नेतृत्व में हुई जांच में दोषी पाए जाने के बाद निलंबित कर दिया गया है।
जांच के दौरान, वत्स ने चारों कांस्टेबल को दोषी पाया और अपनी रिपोर्ट जिला पुलिस मुख्यालय को सौंप दी। कुमार ने कहा, “जांच रिपोर्ट के आधार पर हमने कांस्टेबल श्यामलाल महतो, राधे श्याम कुमार, बहादुर ओरांव और जॉनसन सुरिन को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के आदेश दिए हैं।”
क्या है मामला
जानकारी के अनुसार, रजरप्पा थाना क्षेत्र स्थित रजरप्पा मंदिर में पूजा-अर्चना करने आए एक श्रद्धालु ने मंदिर के निकास द्वार से प्रवेश करने का प्रयास किया। उस समय निकास द्वार पर तैनात पुलिसकर्मियों ने उसे रोकने की कोशिश की। इसी दौरान श्रद्धालु और पुलिसकर्मियों के बीच पहले बहस और गाली-गलौज हुई, जिसके बाद मामला बढ़ते-बढ़ते मारपीट तक पहुंच गया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगा, जिसके बाद पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए रामगढ़ पुलिस अधीक्षक ने तत्काल जांच के आदेश दिए। पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय) सह अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी रामगढ़ को पूरे मामले की जांच कर विस्तृत प्रतिवेदन देने की जिम्मेदारी सौंपी गई।
पुलिस की छवि को पहुंचा नुकसान
पुलिस अधीक्षक रामगढ़ ने कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल हुई इस घटना से आम जनता के बीच पुलिस की छवि धूमिल हुई है, जो अत्यंत खेदजनक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिसकर्मियों से अनुशासन, धैर्य और जिम्मेदारी की अपेक्षा की जाती है और इस प्रकार की लापरवाही या मनमानी किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं होगी। एसपी की इस कार्रवाई से यह स्पष्ट संदेश गया है कि आम लोगों के साथ दुर्व्यवहार करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
