
Jamshedpur. टाटानगर रेलवे स्टेशन परिसर में प्रशासन ने बुलडोजर कार्रवाई कर दी. शुक्रवार को सुबह होते ही भारी पुलिस बल, रेलवे प्रशासन और दंडाधिकारी की मौजूदगी में स्टेशन के सामने वर्षों से जमे अतिक्रमण को हटाने का अभियान शुरू हुआ. जैसे ही बुलडोजर आगे बढ़ा, पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया. कई अस्थायी दुकानें और निर्माण मलबे में तब्दील हो गए. प्रशासन की यह कार्रवाई रेलवे भूमि पर किए गए अवैध कब्जे को हटाने के उद्देश्य से की गई. जानकारी के अनुसार, स्टेशन के सामने लीज की जमीन पर बनी करीब 60 से अधिक दुकानें और ढांचे लंबे समय से अतिक्रमण के दायरे में थे. रेलवे प्रशासन द्वारा पहले ही संबंधित दुकानदारों को नोटिस जारी किया गया था.लेकिन तय समय सीमा के बाद भी अतिक्रमण नहीं हटाया गया. इसके बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बुलडोजर कार्रवाई को अंजाम दिया.
रेलवे की री-डेवलपमेंट योजना के तहत कार्रवाई
टाटानगर रेलवे स्टेशन से बागबेड़ा और कीताडीह की ओर रेलवे भूमि पर किए गए अतिक्रमण अभियान चलाकर हटा दिया गया। यह कार्रवाई रेलवे की री-डेवलपमेंट योजना के तहत की गई। झारखंड हाईकोर्ट में मामला प्रस्तुत किए जाने के बावजूद किसी प्रकार का स्थगन आदेश नहीं मिलने के बाद प्रशासन ने यह कदम उठाया।
भारी संख्या में पुलिस बल, आरपीएफ तैनात
शुक्रवार सुबह से ही स्टेशन क्षेत्र में भारी संख्या में पुलिस बल, आरपीएफ तथा रेलवे के संबंधित विभागों के पदाधिकारी और कर्मचारी तैनात रहे। अतिक्रमण हटाने की पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई और किसी प्रकार का विरोध दर्ज नहीं किया गया। प्रशासन की ओर से पूर्व में ही सीमांकन और मार्किंग का कार्य पूरा कर लिया गया था। अभियान के तहत स्टेशन चौक से कीताडीह जाने वाले मार्ग, बीएसएनएल कार्यालय के आसपास का क्षेत्र, बागबेड़ा मार्ग तथा गोलपहाड़ी गोलचक्कर के पास स्थित शराब दुकान सहित कुल 32 दुकान और मकानों को हटाया जाना है, जिनमें 27 दुकानें और पांच मकान शामिल हैं। प्रशासन ने सभी अतिक्रमणकारियों को पहले ही नोटिस जारी कर स्थान खाली करने का निर्देश दिया था। अभियान के दौरान मजिस्ट्रेट के रूप में जमशेदपुर के अंचलाधिकारी मनोज कुमार मौजूद रहे। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई थी।
गुरुवार देर शाम माइक से एनाउंसमेंट
इससे पूर्व गुरुवार देर शाम माइक से एनाउंसमेंट कर लोगों को स्वयं अपना सामान हटाने की सूचना दी गई थी। हालांकि चार दुकानदारों को सामान हटाने के लिए तीन दिनों की अतिरिक्त राहत दी गई।
अतिक्रमण हटाने के क्रम में मार्मिक दृश्य दिखा
अतिक्रमण हटाने के क्रम में एक मार्मिक दृश्य देखने को मिला, जब टिंकू जनरल स्टोर की दुकान हटाए जाने के दौरान दुकान मालिक की बेटी रोती हुई नजर आई। वहीं, दुकान मालिक का बेटा और बेटी अपने पिता की दुकान से सामान बाहर निकालते दिखाई दिए। बताया गया कि दोनों बच्चे स्कूल से घर लौट रहे थे, तभी यह कार्रवाई शुरू हो गई। कार्रवाई के दौरान मौके पर मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। हालांकि, रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया कि यह कदम रेलवे भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए नियमानुसार उठाया गया है। पूरे अभियान के दौरान रेल पुलिस और स्थानीय प्रशासन की कड़ी निगरानी बनी रही।