
Jamshedpur: आदित्यपुर में आयोजित दो दिवसीय डिफेंस एक्सपो सह राज्य स्तरीय एमएसएमई कॉन्क्लेव का शुभारंभ रक्षा राज्य मंत्री ने किया. एक्सपो में सेना से जुड़े अधिकारी और एमएसएमई से जुड़े लोग शामिल हुए. इस मौके पर उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ ने कहा कि देश में चार करोड़ एमएसएमई इकाई हैं.
रक्षा मंत्री ने कहा कि देश में मात्र 16 हजार एमएसएमई ही डिफेंस सेक्टर से जुड़े हुए हैं. पीएम मोदी का विजन है कि देश के अधिक से अधिक एमएसएमई इकाई और स्टार्टअप को डिफेंस सेक्टर के साथ जोड़ा जाए. झारखंड में खनिज और बेहतर माहौल है,
इसलिए यहां उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु की तर्ज पर डिफेंस कॉरिडोर बन सकता है। उन्होंने राज्य सरकार से इच्छाशक्ति दिखाने, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और कानून-व्यवस्था सुधाकर सिंगल-विंडो सिस्टम लागू करने की अपील की. साथ ही उन्होंने जमशेदपुर, रांची और बोकारो में डिफेंस कॉरिडोर की संभावना जताई और अपने कार्यकाल में झारखंड में डिफेंस कॉरिडोर स्थापित करने को अपना सपना बताया.
सम्मेलन के दौरान 60 से अधिक स्टॉल लगाए है. जहां उद्यमी रक्षा क्षेत्र की जरूरतों को करीब से जानकारी ले रहे है. एक्सपो में बी2बी मीटिंग्स, तकनीकी सेमिनार और कार्यशालाएं आयोजित की गई. विशेषज्ञों की टीम ने उद्यमियों को योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी, ताकि स्थानीय नवाचार को वैश्विक पहचान मिल सके. एमएसएमई के डिफेंस से जुड़ने के कारण क्रांतिकारी बदलाव हो सकता है. जहां अर्थव्यवस्था सुधर सकती है. वहीं सेनाओं की तकनीकी जरूरतें पूरी हो सकती है और रोजगार के नए सृजन हो सकते है.
