
Adityapur Nagar Nigam: आदित्यपुर नगर निगम में बिना नक्शा स्वीकृत कराए अथवा स्वीकृत नक्शा का विचलन कर दर्जनों अवैध बहुमंजिला भवन निर्माण कराया जा रहा है.
बिना नक्शा स्वीकृत कराए अर्थात सरकारी राजस्व की चोरी करा कर हो रहे अवैध भवन निर्माण को आदित्यपुर नगर निगम के नव पदास्थापित नगर आयुक्त एजाज अनवर क्या कार्रवाई कर पाएंगे यह भविष्य के गर्त में है.
सूत्र बताते हैं कि आदित्यपुर नगर निगम कार्यालय के कुछ जिम्मेदार पदाधिकारी,सरकारी राजस्व बढ़ाने पर कम एवं सेटिंग-गेटिंग कर अपना उल्लू सीधा करने में ज्यादा रुचि लेते हैं. जिसके कारण दर्जनों जन शिकायत जो बिना नक्शा स्वीकृत कराए अथवा स्वीकृत नक्शा का विचलन कर बन रहे भवनों से संबंधित था, उन्हें सप्रमाण लिखित शिकायत प्राप्त होने के लगभग 06 महीना बाद भी ठंडा बस्ता में डाल दिया गया है, जबकि नियमानुसार उपरोक्त अवैध भवन निर्माण पर झारखंड नगर पालिका एक्ट तथा अपार्टमेंट एक्ट के तहत एक से दस लाख रुपए तक जुर्माना वसूलने तथा अवैध भाग को सील करने का प्रावधान था.
आदित्यपुर नगर निगम कार्यालय में सरकारी राजस्व को नुकसान कर हो रहे अवैध निर्माण की शिकायत करने पर आदित्यपुर नगर निगम में वर्षों से जमे सिटी मैनेजर सौरव एवं सहायक नगर निवेशक डा. मीत फतेवार सक्रिय तो होते हैं पर अंतिम करवाई होते-होते पूरे मामले की मानो लीपापोती हो जाती है, यानि की जन शिकायत के आधार पर जिन अवैध निर्माण पर झारखंड नगर पालिका एक्ट तथा अपार्टमेंट एक्ट के तहत जुर्माना स्वरूप मोटी रकम वसूला जाना चाहिए था तथा विधि सम्मत कार्रवाई की जानी चाहिए थी, वहां कार्रवाई नहीं की जाती है एवं अवैध भवन निर्माता द्वारा अवैध निर्माण को पूरा करने का कार्य कराया जाता है.
आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र के एस.टाइप फुटबॉल मैदान के समीप टाटा-कांड्रा मुख्य सड़क पर संत स्टील से सटे एक अवैध बहुमंजिला भवन निर्माण पुराने भवन के ऊपर बिना नक्शा स्वीकृत कराए कराया जा रहा है. बताया जा रहा है कि उपरोक्त अवैध भवन निर्माण बिना नक्शा स्वीकृत कराए अर्थात सरकारी राजस्व को हानि पहुंचा कर कराया जा रहा है.
उपरोक्त अवैध निर्माण के संदर्भ में आदित्यपुर नगर निगम के संबंधित सिटी मैनेजर सौरभ का कहना है कि उपरोक्त भवन निर्माण उप मेयर अंकुर सिंह के परमिशन से चलाया जा रहा है, इस संदर्भ में सिटी मैनेजर सौरभ के आरोप की पुष्टि करने हेतु जब लहर चक्र संवाददाता द्वारा आदित्यपुर नगर निगम के उप मेयर अंकुर सिंह से फोन पर जानकारी लिया गया कि आदित्यपुर एस. टाइप स्थित फुटबॉल मैदान के समीप संत स्टील के बगल में हो रहे अवैध निर्माण में आपकी क्या सहभागिता है अर्थात क्या आपने परमिशन दिया है, जो आपका अधिकार क्षेत्र से बाहर की बात है. इस संदर्भ में आदित्यपुर नगर निगम के उप मेयर अंकुर सिंह ने कहा कि मुझे उपरोक्त अवैध निर्माण के बारे में कोई जानकारी नहीं है अर्थात उप मेयर अंकुर सिंह ने आदित्यपुर नगर निगम के सिटी मैनेजर सौरव द्वारा लगाए गए आरोपों का पूर्ण रूप से खंडन किया. जिससे आदित्यपुर नगर निगम के सिटी मैनेजर सौरव की भूमिका अवैध निर्माण को संरक्षण देने के मामले में संदिग्ध प्रतीत होती है.
इस संदर्भ में भी कुछ दिन पूर्व आदित्यपुर नगर निगम को सप्रमाण लिखित रूप से शिकायत पत्र देने के बावजूद अब तक ना अवैध निर्माण कार्य पर जुर्माना लगाया गया है और ना ही अवैध निर्माण कार्य पर रोक लगाया गया है.हा शिकायत पत्र मिलने के बाद एस. टाइप फुटबॉल मैदान के समीप तथा संत स्टील के बगल में अवैध निर्माण कार्य निरंतर तेज गति से जारी जरूर है.
सिटी मैनेजर सौरव की भूमिका इस बात से भी संदिग्ध होती है कि पूर्व में उनके द्वारा उपरोक्त निर्माण स्थल पर कई बार फोर्स भेज कर कार्रवाई एवं रोक लगाए जाने की बात लगातार बताई जा रही थी, पर वहीं दूसरी ओर उपरोक्त भवन निर्माण स्थल पर अवैध निर्माण लगातार तेजी से जारी रहा.
स्थानीय लोगों द्वारा बताया जाता है कि आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र में हो रहे अवैध निर्माण की बिंदुवार जांच की जाए तो स्पष्ट होगा कि आदित्यपुर नगर निगम के अवैध भवन निर्माण को देखने वाले एवं सरकारी राजस्व को बढ़ाने के लिए कई जिम्मेदार अधिकारी एवं कर्मचारी मालामाल हो रहे हैं.
ज्ञात हो कि बीते दिनों आदित्यपुर थाना रोड पर बिना नक्शा स्वीकृति के बन रही एक बहुमंजिला इमारत को मोटी रकम न देने पर सील कर दिया गया था, इस कार्रवाई से अवैध निर्माणकर्ताओं में हड़कंप मचा कर सौरभ जैसे अन्य जिम्मेदार पदाधिकारी द्वारा अपना लाभ उठाने का प्रयास किए जाने की बात स्थानीय लोगों द्वारा बताई जा रही है, जो जांच का विषय है.
स्थानीय लोगों ने उपरोक्त सीलिंग के संदर्भ में कहा कि आदित्यपुर नगर निगम कार्यालय द्वारा उपरोक्त निर्माण स्थल का चार तल्ला निर्माण होने के बाद भवन को सील करना खुद को कटघरे में खड़ा करने के बराबर है. स्थानीय लोगों का कहना था कि आदित्यपुर नगर निगम कार्यालय के संबंधित जिम्मेदार अफसर द्वारा संरक्षण देने पर ही उपरोक्त स्थल पर बिना नक्शा स्वीकृत कराए चार फ्लोर तक का निर्माण हो पाया होगा. बारगेनिंग एवं लेने देने में दरार पड़ने पर संभवत: उपरोक्त आधा-अधूरा अवैध निर्माण को पूरा होने के पहले सील किया गया है!
अब देखना यह है कि आदित्यपुर नगर निगम के तेज-तर्रार एवं साफ-सुथरा छवि वाले वर्तमान नगर आयुक्त एजाज अनवर,आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र में नियमों को ताक पर रखकर तथा सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचा कर आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र का सूरत बिगाड़ने वाले एवं सरकारी राजस्व को हानि पहुंचाने वाले के खिलाफ सख्त तेवर अपना पाते हैं अथवा नहीं!