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Adityapur Nagar Nigam: आदित्यपुर नगर निगम अंतर्गत अवैध बहुमंजिला भवन निर्माण पर जांच के घेरे में अपर नगर आयुक्त रवि प्रकाश की भूमिका!

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Adityapur Nagar Nigam:  आदित्यपुर नगर निगम के अपर नगर आयुक्त रवि प्रकाश पर झारखंड सरकार मेहरबान दिख रही है !, या इनके कारनामे झारखंड सरकार एवं नगर विकास विभाग के सामने अब तक नहीं पहुंच पा रहा है, यह आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र के चौक-चौराहे पर चर्चा का विषय बना हुआ है.

चर्चा है कि आदित्यपुर नगर निगम के अपर नगर आयुक्त रवि प्रकाश के कार्यकाल में आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र में कई अवैध बहुमंजिला भवन निर्माण सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाकर या यूं कहे कि शायद अधिकारी के मिली भगत से सरकारी राजस्व की चोरी करा कर,फल-फूल रहा हैं.

जब रक्षक ही भक्षक बन जाए तो आप शिकायत किसे करेंगे? झारखंड सरकार के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन एवं झारखंड सरकार के नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार तक अपनी पकड़ बताने वाले अधिकारी झारखंड के मुख्यमंत्री एवं नगर विकास मंत्री के छवि को धूमिल कर रहे हैं.ऐसे अधिकारी अपने कुछ वरीय अधिकारी को प्रभावित कर निजी स्वार्थ में सरकारी राजस्व का नुकसान पहुंचा रहे हैं एवं अवैध निर्माण को संरक्षण दे रहे हैं.

इसी प्रकार का मामला आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र में देखने को मिल रहा है. रातों-रात अकूत धन संपत्ति अर्जित करने के उद्देश्य से अधिकारी दर्जनों अवैध बहुमंजिला भवन निर्माण पर कानूनी कार्रवाई करने के बजाय मौन धारण कर अवैध निर्माण को पूरा होने तक न जाने किस प्रभाव में मौन है ? यह झारखंड सरकार एवं जिला प्रशासन के लिए जांच का विषय है.

स्थानीय लोगों का कहना है कि आदित्यपुर नगर निगम के अपर नगर आयुक्त रवि प्रकाश झारखंड सरकार के नगर विकास विभाग के सबसे चर्चित अधिकारी के रूप में जाने जाते हैं.आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र के लोगों का कहना है कि आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र के टाटा-कान्ड्रा मुख्य सड़क पर इन दिनों कई अवैध बहुमंजिला भवन निर्माण बिना नक्शा स्वीकृत कराए यानि कि कानून को ताक पर रखकर तथा सरकारी राजस्व का नुकसान करा कर, कराया जा रहा है जबकि उक्त मुख्य सड़क पर आदित्यपुर नगर निगम के अपर नगर आयुक्त, उपनगर आयुक्त समेत कई सिटी मैनेजर एवं टाउन प्लानर समेत अन्य कर्मचारी तथा अधिकारी प्रतिदिन यहां से गुजरते हैं.

इसके बावजूद टाटा-कांड्रा मुख्य सड़क पर हो रहे कई अवैध बहुमंजिला भवन निर्माण पर आदित्यपुर नगर निगम के अपर नगर आयुक्त रवि प्रकाश समेत अन्य संबंधित कर्मचारियों तथा अधिकारियों का ध्यान न जाना चर्चा का विषय है. लोग दबे जुबान इसे अधिकारियों की मिली भगत भी बता रहे हैं.

ऐसा ही एक मामला आदित्यपुर नगर निगम के अपर नगर आयुक्त के मिली भगत का सामने आया है. आदित्यपुर नगर निगम के अपर नगर आयुक्त को दिनांक 13 दिसंबर 2025 को लिखित शिकायत दिया गया था कि आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र के आदित्यपुर-1 स्थित न्यू हाउसिंग कॉलोनी के रोड नंबर-A,के मकान नंबर-MIG 617 पर एक अन्य फ्लोर का निर्माण अवैध रूप से अर्थात बिना नक्शा स्वीकृत कराए हो रहा है, इस संदर्भ में जांच एवं जांचोपरांत करवाई हेतु शिकायतकर्ता द्वारा शिकायत पत्र दिया गया था पर आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र के जिम्मेदार अधिकारी द्वारा इस पर क्या जांच एवं कानूनी कार्रवाई की गई यह भविष्य के गर्त में है.

वहीं दूसरी ओर आज लगभग 5 माह से भी ज्यादा समय गुजर जाने के बाद उपरोक्त स्थल पर एक अन्य अवैध फ्लोर के बजाय तीन अवैध फ्लोर का निर्माण भवन निर्माता द्वारा आश्चर्यजनक रूप से करा लिया गया है.

अर्थात आदित्यपुर नगर निगम के अपर नगर आयुक्त  को 13 दिसंबर 2025 को दिए गए शिकायत पत्र पर अगर जांच एवं कार्रवाई सुनिश्चित की गई होती तो उपरोक्त निर्माण स्थल के भवन निर्माता से झारखंड नगर पालिका एक्ट एवं अपार्टमेंट एक्ट के तहत एक से दस लाख रुपए तक जुर्माना वसूल सरकारी राजस्व में वृद्धि कराया जा सकता था. तथा उपरोक्तत स्थल प आज अवैध रूप सेेे तीन अन्यय फ्लोर का निर्माण भी नहीं हो पाता.

 जिला प्रशासन एवं नगर विकास विभाग के लिए जांच का विषय है कि शिकायतकर्ता द्वारा 13 दिसंबर 2025 को दिए गए शिकायत पत्र पर आदित्यपुर नगर निगम के अपर नगर आयुक्त रवि प्रकाश ने किसी पदाधिकारी को जांच अधिकारी बनाया अथवा नहीं? अगर उक्त शिकायत पत्र के आधार पर आदित्यपुर नगर निगम के अपर नगर आयुक्त रवि प्रकाश ने किसी अधिकारी को जांच पदाधिकारी बनाया तो उक्त जांच पदाधिकारी ने क्या रिपोर्ट दिया ? अगर जांच रिपोर्ट आदित्यपुर नगर निगम के अपर नगर आयुक्त को समर्पित किया गया तो उक्त जांच रिपोर्ट के आधार पर अंतिम कार्रवाई विधि सम्मत तरीके से किया अथवा नहीं किया.

कुमार मनीष,9852225588

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