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Ghatshila: आलू पर ममता सरकार की रोक के बाद झारखंड-बंगाल बॉर्डर पर एकजुट हुए दर्जनों गांवों के किसान-मजदूर, बनाया अपना संगठन

Ghatshila. तीन दिन पहले झारखंड-बंगाल बॉर्डर पर डुमकोकाचा और द्वारसीनी में आलू पर मचे बवाल और फिर स्टेट हाइवे जाम के बाद रविवार को झारखंड सीमावर्ती के दर्जनों गांवों के ग्रामीणों, किसानों और मजदूरों की बैठक झारखंड के अंतिम गांव नरसिंहपुर फुटबॉल मैदान में अनिल सिंह की अध्यक्षता में हुई. बैठक में सर्वसम्मति से झारखंड बॉर्डर किसान-मजदूर संघर्ष समिति का गठन किया गया. बैठक में किसान एवं मजदूर हित को लेकर चर्चा हुई. बैठक में सीमा के पास से अवैध संसाधन यातायात रोकने की बात भी कही गयी.

बैठक में झारखंड सरकार द्वारा किसान को स्वर्णरेखा नहर से सिंचाई के लिए झारखंड सीमावर्ती गांवों के किसानों को पानी की सुविधा देने, सरकार द्वारा किसानों को बीज-खाद समय पर उपलब्ध कराने, बॉर्डर क्षेत्र में विकास कार्य में तेजी लाने पर चर्चा की गयी. बैठक में ग्रामीणों की संख्या थोड़ी कम रहने से बड़ा निर्णय नहीं लिया गया.

बैठक में तय हुआ कि समिति की अगली बैठक 14 दिसंबर सुबह 10बजे नरसिंहपुर में ही होगी. इस बैठक में आगे की रणनीति तय करते हुए कई बड़े निर्णय लिए जायेंगे. निर्णय सीमावर्ती गांव के ग्रामीणों, किसानों और मजदूरों के हक में होगा.

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