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Pahalgam Attack के बाद भारत ने पाक रक्षा मंत्री का ‘X’ अकाउंट किया बैन

New Delhi : हाल ही में पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के परमाणु हथियारों के इस्तेमाल संबंधी भड़काऊ बयान पर भारत ने सख्त रुख अपनाते हुए उनका ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट ब्लॉक करवा दिया है. यह कदम तब उठाया गया जब आसिफ ने खुलेआम कहा कि पाकिस्तान के अस्तित्व पर खतरा होने पर वह परमाणु हथियारों का इस्तेमाल करने से नहीं हिचकिचाएंगे. भारत ने इस बयान को बेहद गंभीर और उकसाने वाला मानते हुए डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उनके खिलाफ यह कार्रवाई की है.

पिछले दिनों जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव और बढ़ गया है. भारत ने पाकिस्तान पर आरोप लगाया है कि वह प्रायोजित मीडिया संस्थानों और यूट्यूब चैनलों के जरिए भारत के खिलाफ झूठा प्रचार, भ्रामक जानकारी और उकसाने वाली सामग्री फैला रहा है.

पाकिस्तानी यूट्यूब चैनलों पर भी कसा शिकंजा

गृह मंत्रालय की सिफारिश पर भारत सरकार ने पाकिस्तान स्थित कई यूट्यूब चैनलों को भी प्रतिबंधित कर दिया है. इन चैनलों पर भारतीय सेना, सरकार और सुरक्षा एजेंसियों के खिलाफ गलत और भड़काऊ वीडियो अपलोड करने का आरोप है. यह निर्णय देश की अखंडता, एकता और सामाजिक शांति को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से लिया गया है.

भारत ने जिन पाकिस्तानी यूट्यूब चैनलों पर कार्रवाई की है, उनमें डॉन न्यूज (19.6 लाख सब्सक्राइबर), इरशाद भट्टी (8.27 लाख सब्सक्राइबर), समा टीवी (1.27 करोड़ सब्सक्राइबर), एआरवाई न्यूज (1.46 करोड़ सब्सक्राइबर), बोल न्यूज (78.5 लाख सब्सक्राइबर), रफ्तार (8.04 लाख सब्सक्राइबर), द पाकिस्तान रेफरेंस (2.88 लाख सब्सक्राइबर), जियो न्यूज (1.81 करोड़ सब्सक्राइबर), समा स्पोर्ट्स (73.5 हजार सब्सक्राइबर), जीएनएन (35.4 लाख सब्सक्राइबर), उजैर क्रिकेट (2.88 लाख सब्सक्राइबर), उमर चीमा एक्सक्लूसिव (1.25 लाख सब्सक्राइबर), अस्मा शिराजी (1.33 लाख सब्सक्राइबर), मुनीब फारूक (1.65 लाख सब्सक्राइबर), सुनो न्यूज एचडी (13.6 लाख सब्सक्राइबर) और राजी नामा (2.70 लाख सब्सक्राइबर) शामिल हैं. भारत सरकार ने इन चैनलों की सामग्री को देश की आंतरिक सुरक्षा और सामाजिक सौहार्द के लिए हानिकारक माना है.

सूत्रों के अनुसार, भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि यदि पाकिस्तान की ओर से भड़काऊ और राष्ट्रविरोधी डिजिटल गतिविधियां जारी रहती हैं, तो और भी कड़े प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं, जिनमें वेबसाइट बैन, चैनल डीलिस्टिंग और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर शिकायतें शामिल हैं.

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