Site icon Lahar Chakra

Air Ambulance Crash: एयर एम्बुलेंस के पायलटों ने खराब मौसम के कारण मार्ग बदलने का भेजा था अनुरोध, पर कुछ मिनटों बाद ही हो गया क्रैश, सीएम बोले-हर संभव मदद करेंगे

Ranchi. झारखंड के चतरा जिले में सिमरिया के पास हुए एयर एम्बुलेंस हादसे में मारे गए सात लोगों के शव पोस्टमॉर्टम के बाद, मंगलवार को उनके परिजनों को सौंप दिये गए। रेडबर्ड एयरवेज प्राइवेट लिमिटेड द्वारा संचालित बीचक्राफ्ट सी90 एयर एम्बुलेंस रांची से दिल्ली जा रही थी, तभी सोमवार शाम को यह सिमरिया के बरियातु पंचायत क्षेत्र में जंगल के ऊपर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस हादसे में दो पायलटों सहित विमान में सवार सभी सात लोगों की मौत हो गई। शवों का पोस्टमार्टम चतरा के सदर अस्पताल में किया गया। स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया,‘पोस्टमॉर्टम के बाद शवों को उनके परिजनों को सौंप दिये गए।’’ एक अन्य अधिकारी ने बताया कि विमान ने रांची हवाई अड्डे से शाम 7.11 बजे उड़ान भरी और लगभग 7.30 बजे लापता हो गया। उन्होंने बताया कि उड़ान भरने के करीब 20 मिनट बाद विमान का वायु यातायात नियंत्रण (एटीसी) से संपर्क टूट गया। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) के अनुसार, विमान ने शाम 7:11 बजे उड़ान भरी और शाम 7:34 बजे कोलकाता एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क स्थापित किया। खराब मौसम के कारण पायलटों ने मार्ग बदलने का अनुरोध किया। कुछ ही मिनटों बाद, वाराणसी से लगभग 100 समुद्री मील दक्षिण-पूर्व में संचार और रडार संपर्क टूट गया।

अधिकारियों ने बताया कि विमान घने जंगल में गिरने से पहले संभवतः तूफान की चपेट में आ गया था। इस हादसे में मारे गए लोगों की पहचान कैप्टन विकास भगत, कैप्टन सवराजदीप सिंह, संजय कुमार, डॉ. विकास कुमार गुप्ता, सचिन कुमार मिश्रा, अर्चना देवी और धुरु कुमार के रूप में हुई है। एक अधिकारी ने बताया कि जब शवों को उनके परिजनों को सौंपे गए तो उस समय महौल गमगीन हो गया। कई परिजन अपनी भावनाओं पर काबू नहीं पा सके और बिलख-विलख कर रोने लगे जबकि कुछ को इस घटना का विश्वास ही नहीं हो रहा था।

झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस घटना पर दुख व्यक्त किया और कहा कि राज्य सरकार प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान करेगी। सोरेन ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘रांची से दिल्ली जा रहे एयर एम्बुलेंस की हृदयविदारक घटना की सूचना जब कल रात मिली तब से जिला प्रशासन समेत राज्य सरकार इस पर जुटा रहा। इस दर्दनाक घटना में हमने जांबाज पायलट्स समेत अपने कुल 7 लोगों को खो दिया है जिससे मैं अत्यंत मर्माहत और स्तब्ध हूं।’ उन्होंने कहा, ‘मैं मरांग बुरु से प्रार्थना करता हूं कि दिवंगत लोगों की आत्मा को शांति प्रदान कर शोकाकुल परिजनों को इस असहनीय दुःख को सहने की शक्ति और धैर्य प्रदान करें। राज्य सरकार इस कठिन घड़ी में सभी प्रभावित परिवारों के साथ पूरी संवेदना और प्रतिबद्धता के साथ खड़ी है, तथा हर संभव मदद प्रदान करेगी। राज्यपाल गंगवार ने कहा कि एयर एम्बुलेंस दुर्घटना की खबर बेहद दुखद है।उन्होंने कहा, ‘‘इस त्रासदी में अपनों को खोने वाले परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं। ईश्वर उन्हें इस अपार दुःख को सहने की शक्ति प्रदान करें। ओम शांति।’’

मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा दिया जाएगा
झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने कहा कि राज्य सरकार जांच करेगी कि खराब मौसम में विमान को उड़ान भरने की अनुमति कैसे दी गई। उन्होंने यह भी कहा कि मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा दिया जाएगा। हादसे में मारे गए विकास भगत के पिता डीएस भगत ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि उनके बेटे ने एयर एम्बुलेंस के पायलट के तौर पर कई लोगों की जान बचाई, लेकिन खुद इस हादसे में अपनी जान गंवा दी। उन्होंने कहा, ‘मुझ जैसे अभागे पिता को अपने बेटे के मृत शरीर को देखना पड़ा… इससे ज्यादा दुर्भाग्यपूर्ण और कुछ नहीं हो सकता।’

जमीन बेचकर बेटे को बनाया था डॉक्टर
डॉ. विकास कुमार गुप्ता के पिता बजरंग प्रसाद ने बताया कि उन्होंने अपने बेटे को डॉक्टर बनाने के लिए अपनी सारी जमीन बेच दी थी। उन्होंने बताया कि बेटे की तैनाती रांची के सदर अस्पताल में हुई थी। मूल रूप से बिहार के औरंगाबाद जिले के रहने वाले बजरंग प्रसाद ने कहा, ‘उसका एक सात साल का बेटा है… वह मेधावी छात्र था और उसने ओडिशा के कटक से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी की थी।’ हालांकि, संजय कुमार (41) के परिवार के सदस्यों ने इस त्रासदी के लिए ‘खराब’ स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे को जिम्मेदार ठहराया। सचिन कुमार मिश्रा के भाई ने बताया कि वह कई वर्षों से नर्सिंग स्टाफ के रूप में काम कर रहे थे। उन्होंने कहा,‘‘सचिन मेरे लिए सब कुछ था। वह मेरे अपने बेटे जैसा था। पिछले दो-तीन वर्षों से वह एम्बुलेंस सेवा में काम कर रहा था।’
रांची के देवकमल अस्पताल के सीईओ अनंत सिन्हा ने बताया कि एयर एम्बुलेंस की व्यवस्था उनके एक मरीज ने की थी।

उन्होंने बताया, ‘लातेहार जिले के चंदवा निवासी संजय कुमार नामक मरीज को 16 फरवरी को 65 प्रतिशत झुलसने की वजह से अस्पताल लाया गया था। उनका अस्पताल में उपचार चल रहा है।’ सिन्हा ने बताया कि परिवार के सदस्यों ने बेहतर इलाज के लिए उन्हें दिल्ली ले जाने का फैसला किया। उन्होंने बताया, ‘सोमवार को उन्होंने एयर एम्बुलेंस की व्यवस्था की। मरीज शाम करीब 4:30 बजे अस्पताल से दिल्ली के लिए रवाना हुआ था।’

Exit mobile version