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Air India Plane Crash; एयर इंडिया विमान दुर्घटना में मृतकों की संख्या 270 हुई, बोइंग 787 श्रृंखला के विमानों की निगरानी का आदेश, केंद्र ने बनाई समिति,  पहली बैठक कल

New Delhi. अहमदाबाद में लंदन जा रही एअर इंडिया की विमान दुर्घटना में मृतकों की संख्या शनिवार को बढ़कर 270 हो गई. इसी बीच, केंद्र सरकार ने हादसे के कारणों की जांच के लिए केंद्रीय गृह सचिव की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बहु-विषयक समिति गठित की है. जांचकर्ता बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर (एआई171) के बृहस्पतिवार को दुर्घटनाग्रस्त होने के कारणों का पता लगाने के लिए बीजे मेडिकल कॉलेज छात्रावास और कैंटीन परिसर के मलबे की जांच कर रहे हैं. वहीं, नागरिक उड्डयन मंत्री के राममोहन नायडू ने कहा कि विमानन नियामक नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने टाटा के स्वामित्व वाली विमान कंपनी के बोइंग 787 श्रृंखला के विमानों की ‘विस्तारित निगरानी’ के आदेश दिए हैं.

एअर इंडिया ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि उसने अपने नौ बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमानों की एक बार की सुरक्षा जांच की है और नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) के निर्देशानुसार शेष 24 ऐसे विमानों की जांच पूरी करने की दिशा में अग्रसर है. एअर इंडिया के बेड़े में अब 26 बोइंग 787-8 और सात बोइंग 787-9 विमान हैं.

बीजे मेडिकल कॉलेज के ‘जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन’ के अध्यक्ष डॉ. धवल गामेती ने बताया, ‘विमान दुर्घटना स्थल से अब तक करीब 270 शव अहमदाबाद सिविल अस्पताल लाए जा चुके हैं.’ अधिकारियों ने पहले बताया था कि तीन दशकों में देश में हुए सबसे भीषण विमान हादसे में मरने वालों की संख्या 265 है.

जांचकर्ता दुर्घटना के सभी संभावित कारणों की जांच कर रहे हैं, जिनमें 11 वर्ष पुराने विमान के दोनों इंजनों में गति की कमी, कई पक्षियों का टकराना या फ्लैप में संभावित समस्या शामिल है. केंद्रीय गृह सचिव की अध्यक्षता वाली केंद्रीय समिति भविष्य में अहमदाबाद दुर्घटना जैसी घटनाओं को रोकने के लिए व्यापक दिशा-निर्देश भी सुझाएगी. इसकी पहली बैठक सोमवार को होगी. नागरिक उड्डयन मंत्रालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि समिति तीन महीने में अपनी रिपोर्ट प्रकाशित करेगी.

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