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Ansh-Anshika: अपहरणकर्ताओं के चंगुल से आजाद हुईं दो मासूम जिंदगियां…आखिर कोई इतना कैसे गिर सकता है? CM ने X पर लिखा, अपराधियों को दी सख्त चेतावनी

Ranchi. रांची के धुर्वा इलाके से 12 दिन पहले लापता हुए दो भाई-बहनों को बुधवार को झारखंड के रामगढ़ जिले में अपहरणकर्ताओं के चंगुल से मुक्त करा लिया गया। दोनों बच्चे दो जनवरी को अपने घर के पास एक किराने की दुकान पर जाने के बाद लापता हुए थे। बच्चों की उम्र चार वर्ष और पांच वर्ष है। उन्हें वापस लाने के लिए रांची से एक पुलिस टीम रामगढ़ भेजी गई थी। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि दोनों भाई-बहनों को आज अपहरणकर्ताओं के चंगुल से मुक्त करा लिया गया।

उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट में कहा, अपहरणकर्ताओं के चंगुल से आजाद हुईं दो मासूम जिंदगियां। आखिर कोई इतना कैसे गिर सकता है?‘‘ व्यक्तिगत रूप से मेरे लिए पिछले कुछ दिन काफी परेशान करने वाले रहे। शुरुआत में सफलता नहीं मिल रही थी लेकिन फिर जिस ढंग से दूसरे राज्य में हुई इसी तरह की घटना के तार जोड़ रांची पुलिस ने अपराधियों तक पहुंच कर बच्चों को मुक्त करवाया है, वह प्रशंसनीय है।’’ सोरेन ने कहा कि दो बच्चों को बचाए जाने के बाद इस जांच अभियान को यहीं नहीं छोड़ा जाएगा।

उन्होंने कहा, ‘‘राज्य एवं राज्य से बाहर घटित हुई ऐसी घटनाओं की गहन पड़ताल करते हुए, अपराधी गिरोह की कमर तोड़ने की कार्रवाई की जाएगी। रांची पुलिस समेत झारखंड पुलिस की टीम को तत्परता और कार्यकुशलता के लिए बहुत-बहुत बधाई। हमारे बच्चों – अंश और अंशिका के परिवार को हार्दिक शुभकामनाएं।’’

पुलिस अधीक्षक (एसपी) (रांची-ग्रामीण) प्रवीण पुष्कर ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि लापता दोनों बच्चों के बारे में पता चला कि वे रामगढ़ जिले के चितरपुर में हैं। पुलिस ने दोनों बच्चों का पता लगाने के लिए 40 कर्मियों वाली एक विशेष जांच टीम का गठन किया था।

यह तुरंत स्पष्ट नहीं हो सका कि इस मामले में कोई गिरफ्तारी हुई है या नहीं। दोनों बच्चों के लापता होने के बाद राज्य की राजधानी में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए, जिसमें भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार के तहत कानून और व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठाए।

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