Jamshedpur. टाटानगर रेलवे स्टेशन के आसपास अतिक्रमण के खिलाफ रेलवे ने रविवार को अचानक अभियान चलाया। दक्षिण पूर्व रेलवे के उप महाप्रबंधक (डिप्टी जीएम) मनीष जैन के प्रस्तावित दौरे से एक दिन पहले रेलवे की लैंड विभाग की टीम ने बागबेड़ा टीओपी और कीताडीह सड़क किनारे बनी अस्थायी दुकानों तथा ठेला-खोमचों को हटाने की कार्रवाई की। कार्रवाई के दौरान दुकानदारों में नाराजगी फैल गई और मामला देखते ही देखते विरोध व बहस तक पहुंच गया।
रेलवे की टीम ने सड़क किनारे बने अस्थायी ढांचों को हटाने के साथ पहले की कार्रवाई में तोड़ी गई दुकानों के मलबे को भी बुलडोजर की मदद से साफ कराया। रेलवे का कहना है कि क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए पहले से प्रक्रिया चल रही थी। कार्रवाई के दौरान मौके पर दुकानदारों की भीड़ जुट गई। दुकानदारों ने अचानक कार्रवाई किए जाने पर सवाल उठाते हुए विरोध दर्ज कराया।
दुकानदार बोले- बिना सूचना कैसे तोड़ दी दुकान?
दुकानदारों का आरोप था कि उन्हें तत्काल कार्रवाई से पहले पर्याप्त सूचना नहीं दी गई। उनका कहना था कि दुकानें हटाने से पहले उन्हें समय दिया जाना चाहिए था, ताकि सामान सुरक्षित तरीके से निकाल सकें।
हालांकि, रेलवे के लैंड विभाग के अधिकारी उपेंद्र सिंह ने दुकानदारों के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि अतिक्रमण हटाने को लेकर पहले ही बाकायदा लाउडस्पीकर से घोषणा कराई गई थी और लिखित नोटिस भी जारी किए गए थे।
आरपीएफ पोस्ट पर बढ़ा विवाद
कार्रवाई के दौरान विवाद बढ़ने पर रेलवे की टीम दुकानदारों को लेकर आरपीएफ पोस्ट पहुंची। यहां दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक तीखी बहस हुई। मामले की जानकारी मिलने के बाद आजसू के जिलाध्यक्ष कन्हैया सिंह भी दुकानदारों के समर्थन में आरपीएफ पोस्ट पहुंचे।
उन्होंने रेलवे प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए हिरासत में लिए गए दुकानदारों को छोड़ने और उनका सामान वापस करने की मांग की।
