


Patna.. तेजप्रताप यादव को राष्ट्रीय जनता दल (राजद) से निकाले जाने की निंदा करते हुए आकाश यादव ने मंगलवार को अपनी बहन अनुष्का यादव के ‘चरित्र हनन’ पर अफसोस जताया. अनुष्का के साथ बिहार के पूर्व मंत्री तेज प्रताप की तस्वीर सोशल मीडिया पर यह कहते हुए साझा की गई थी कि वे 12 साल से रिश्ते में हैं हालांकि बाद में इसे हटा लिया गया.
आकाश ने तेज प्रताप के इस दावे की भी जांच की मांग की कि उनका फेसबुक पेज जिस पर यह फोटो शेयर की गई थी, हैक हो गया था.
आकाश को तेज प्रताप का करीबी दोस्त बताया जाता है.
आकाश ने कहा, मैं तेज प्रताप यादव को पार्टी से निकाले जाने की कड़ी निंदा करता हूं. मैं लालू जी से पूछना चाहता हूं कि यह कार्रवाई क्यों की गई? क्या उन्होंने कोई ऐसा अपराध किया है जिससे उनके परिवार की बदनामी हो सकती है?’’
उन्होंने उस विवादास्पद फेसबुक पोस्ट के बारे में पूछे गए सवालों को टाल दिया जिसमें तेज प्रताप ने कथित तौर पर अनुष्का के साथ ‘12 वर्ष से रिश्ते में होने’ की बात कही थी.
आकाश ने कहा, ‘मेरी बहन के निजी जीवन के बारे में प्रेस के सामने बोलना मेरा काम नहीं है. यह कोई सार्वजनिक मामला नहीं है. वह और तेजप्रताप ही इस पर कुछ बोलना चाहें तो बोलेंगे.’’ हालांकि, उन्होंने शनिवार शाम को फेसबुक पोस्ट आने के बाद से ही अनुष्का के ‘चरित्र हनन’ पर अफसोस जताया. फेसबुक पोस्ट सामने आने के कुछ घंटों बाद तेज प्रताप ने यह दावा करते हुए इससे पल्ला झाड़ लिया कि पेज हैक कर लिया गया था. तेजप्रताप की शादी बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री दरोगा प्रसाद राय की पोती ऐश्वर्या से 2018 में हुई थी और शादी के कुछ महीनों के भीतर उन्होंने तलाक की अर्जी दायर की थी जो यहां एक अदालत में लंबित है. आकाश ने तेज प्रताप के छोटे भाई तेजस्वी यादव को पुत्र रत्न की प्राप्ति होने पर बधाई भी दी.
उन्होंने कहा, ‘मैं तेजस्वी यादव को कुछ सलाह देना चाहता हूं. दो परिवारों की प्रतिष्ठा बचाने की जिम्मेदारी उनके कंधों पर है. हमारे पास खोने या पाने के लिए बहुत कुछ नहीं है, लेकिन उनका बहुत कुछ दांव पर लगा है. लालू प्रसाद के उत्तराधिकारी तेजस्वी इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ की राज्य में गठित समन्वय समिति के प्रमुख हैं. पार्टी के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार वह तेज प्रताप के आगामी विधानसभा चुनाव में महुआ सीट पर वापसी के दावे से नाराज हैं. तेज प्रताप ने 2015 में इस सीट से चुनाव लड़ा था, लेकिन पांच साल बाद उन्हें हसनपुर भेज दिया गया. तेजस्वी यादव की अपनी सीट राघोपुर के करीब स्थित महुआ का प्रतिनिधित्व वर्तमान में उनके करीबी मुकेश रौशन कर रहे हैं, जो यह सुनकर रो पड़े थे कि तेजप्रताप इस निर्वाचन क्षेत्र को पुनः प्राप्त करना चाहते हैं.
अटकलें हैं कि लालू प्रसाद ने अपने छोटे बेटे की प्रतिष्ठा पर किसी तरह की आंच नहीं आने देने के लिए तेज प्रताप के मामले में यह कदम उठाया. वहीं पार्टी के नेता इस प्रकरण पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते.



