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Ashok Leyland: नाश्ते पर मुलाकात से खुला सालाना 4,800 बस निर्माण की क्षमता वाले इस कारखाने को खोलने का रास्ता जानें क्यों बंद करना पड़ था संयंत्र का निर्माण

Vijayawada. नाश्ते पर हुई एक मुलाकात ने विजयवाड़ा में प्रस्तावित हिंदुजा समूह के एक स्थगित बस कारखाने को पुनर्जीवित करने का रास्ता खोल दिया. दुनिया के पांचवें सबसे बड़े बस निर्माता अशोक लेलैंड ने 2018 में आंध्र प्रदेश में विजयवाड़ा के पास एक नया कारखाना स्थापित करने की घोषणा की थी. सालाना 4,800 बसों की क्षमता वाले इस संयंत्र का मार्च, 2018 में शिलान्यास भी हो गया, लेकिन राज्य में सरकार बदल जाने के कारण इस पर काम बंद हो गया था.
पिछले साल राज्य में एक बार फिर सरकार बदलने के बाद नारा लोकेश रोजगार सृजन पर मंत्रिमंडल समिति के अध्यक्ष बने. जब उन्हें इस रुकी हुई परियोजना के बारे में पता चला तो उन्होंने 22 दिसंबर, 2024 को नाश्ते पर हिंदुजा परिवार को हैदराबाद में आमंत्रित किया.
इस मुलाकात का असर ये रहा कि सभी बाधाओं को खत्म करते हुए इस बस कारखाने की योजना को पुनर्जीवित किया गया। इस संयंत्र का 19 मार्च को उद्घाटन संपन्न हुआ है.

मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों ने कहा कि हिंदुजा समूह की फर्म अशोक लेलैंड के बस निर्माण संयंत्र की आधारशिला तत्कालीन मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने 31 मार्च, 2018 को रखी थी. लेकिन, एक साल बाद नायडू ने सत्ता खो दी और वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) के जगन मोहन रेड्डी के नेतृत्व में नयी सरकार बनी.
इसके बाद, विभिन्न स्थानीय और प्रशासनिक मुद्दों के कारण परियोजना ठप हो गई थी.

सूत्रों ने कहा कि लोकेश ने हिंदुजा परिवार के साथ एक बैठक की योजना बनाई. सूत्रों ने कहा कि हिंदूजा ग्रुप ऑफ कंपनीज (भारत) के चेयरमैन अशोक हिंदुजा और अशोक लेलैंड के चेयरमैन धीरज हिंदुजा नाश्ते पर आए और इस दौरान हुई बातचीत में संयंत्र को चालू करने पर सहमति बन गई.

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