
Ranchi : अजरबैजान के बाकू में कैद खूंखार मयंक सिंह को भारतीय आतंकवाद निरोधी दस्ता (ATS) के हवाले सौंप दिया गया है. प्रत्यर्पण की पूरी प्रक्रिया रात्रि के समय एयरपोर्ट पर संपन्न हुई है. आधे घंटे से ज्यादा चली प्रत्यर्पन की प्रक्रिया के बाद एटीएस की टीम फ्लाइट से दिल्ली के लिए रवाना हो चुकी है. शनिवार की सुबह करीब नौ बजे एटीएस (झारखंड) की टीम मयंक सिंह को लेकर रांची पहुंचेगी. इसके बाद उसे कड़ी सुरक्षा में एटीएस मुख्यालय और फिर पूछताछ के बाद बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा में रखा जायेगा. मालूम हो कि गैंगस्टर मयंक सिंह को पिछले साल बाकू में हिरासत में लिया गया था. जिसके बाद से मयंक सिंह बाकू के जेल में कैद है.
झारखंड, राजस्थान से लेकर पंजाब तक था खौफ
मयंक सिंह को इंटरपोल की रेड कॉर्नर नोटिस सूची में रखा गया था. वह झारखंड का पहला गैंगस्टर बन गया जिसे विदेश में गिरफ्तार किया गया और प्रत्यर्पण का सामना करना पड़ा. उसका आपराधिक गतिविधियों में लंबा इतिहास रहा है. वह गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के साथ घनिष्ठ रूप से जुड़ा था. इसके बाद उसका संबंध पुलिस मुठभेड़ में मारा गया अमन साहू से हुआ. अमन साहू (मृत) के साथ मिलकर झारखंड में अपराध जगत में दहशत फैलाया. मयंक भारत से भागने से पहले, वह राजस्थान, पंजाब और हरियाणा में कई बड़े अपराधों में शामिल था.
इंटरनेट कॉल के माध्यम से कारोबारी से वसूलता लेवी
खूंखार मयंक सिंह देश छोड़ने के बावजूद भारत में अपना दबदबा कायम रखा. कारोबारियों के बीच मयंक सिंह का कॉल आना मतलब बिना पुलिस को सूचना पैसा जगह तक पहुंच जाता था. मयंक सिंह पर आरोप है कि उसने दूर से ही अपने आपराधिक कार्य जारी रखे, इंटरनेट कॉल के माध्यम से कारोबारियों को धमकाया और पैसे ऐंठे. सोशल मीडिया पर वह अपनी गतिविधियों का खुलकर बखान करता था और अक्सर हमलावर हथियारों के साथ अपनी तस्वीरें साझा करता था.
