
Ranchi. पूर्व मुख्यमंत्री सह नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी गुरुवार को बोकारो आये थे. भाजपा नेता मंतोष सोरेन की मृत्यु के बाद पोस्टमार्टम कराने के मामले को लेकर श्री मरांडी ने जिले के डीसी, एसपी व एसडीओ को कॉल किया. तीनों अधिकारियों के सरकारी व गैर-सरकारी नंबर पर कॉल किया व करवाया गया. लेकिन, तीनों अधिकारी के नंबर स्विच ऑफ मिला. मरांडी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए सरकार एवं अधिकारियों पर कई गंभीर आरोप लगाये हैं. मरांडी ने अपने पोस्ट में लिखा है कि अगर दिन के 11 बजे जिले के शीर्ष अधिकारी ही संपर्क से बाहर हों, तो यह बताने की जरूरत नहीं कि सरकार कितनी गंभीरता से काम कर रही है और ऐसे अधिकारी कितने गैर जिम्मेदार हैं?
उन्होंने आगे पोस्ट में लिखा है कि जानकारी मिली है कि झारखंड के अधिकांश वरिष्ठ अधिकारी तीन-तीन, चार-चार मोबाइल नंबर रखते हैं. एक सरकारी नंबर जो कभी उठाया नहीं जाता, दूसरा प्राइवेट नंबर जो सिर्फ दोस्त व परिचितों के लिए होता है और बाकी सीक्रेट नंबर, जो सेटिंग-गेटिंग व धंधे के लिए प्रयोग होता है. श्री मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को टैग करते हुए लिखा है कि उनकी बातों पर यकीन ना हो तो खुद से भी पता कर लीजिए कि आपके आंख में धूल झोंक कर बेनामी नंबरों से ऐसे अफसर कैसे -कैसे धंधा कर रहे हैं?
यह स्थिति प्रशासनिक अनुशासन पर गंभीर सवाल उठाती है. इस पर संज्ञान लेने की अपील की है. अधिकारियों को कुर्सी पर बैठने के लिए नहीं, बल्कि जनता की सेवा के लिए नियुक्त किया गया है. अगर जनप्रतिनिधियों को ही अधिकारियों से बात करने में इतनी कठिनाई हो रही है, तो आम जनता का हाल सहज ही समझा जा सकता है.
