
New Delhi. ‘यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस’ (यूएफबीयू) की पांच-दिवसीय देशव्यापी हड़ताल से मंगलवार को देश भर के सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का कामकाज प्रभावित हुआ। अधिकारियों और कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करने वाले नौ संगठनों के संयुक्त निकाय यूएफबीयू द्वारा हड़ताल का यह आह्वान 23 जनवरी को मुख्य श्रम आयुक्त के साथ हुई सुलह बैठक के विफल होने के बाद आया है। चूंकि 25 जनवरी (रविवार) और 26 जनवरी (गणतंत्र दिवस) को बैंक बंद रहे हैं। इसलिए मंगलवार को हड़ताल से लगातार तीसरे दिन सेवाएं प्रभावित हुईं। सार्वजनिक क्षेत्र के सभी बैंकों (पीएसबी) और कुछ पुराने निजी क्षेत्र के बैंकों की शाखाओं में नकद जमा, निकासी, ‘चेक क्लियरेंस’ आदि अन्य सेवाएं प्रभावित हुई हैं।
एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और एक्सिस बैंक जैसे प्रमुख निजी क्षेत्र के बैंकों में कामकाज हालांकि काफी हद तक अप्रभावित रहने के आसार हैं क्योंकि उनके कर्मचारी हड़ताल करने वाले श्रम संघ का हिस्सा नहीं हैं।
यूपीआई और इंटरनेट बैंकिंग काम करती रहेंगी
यूपीआई और इंटरनेट बैंकिंग सहित डिजिटल बैंकिंग सेवाएं पहले की तरह ही काम करती रहेंगी, हालांकि ‘लॉजिस्टिक्स’ में देरी के कारण एटीएम से नकदी निकालने में कुछ स्थानीय समस्याएं आ सकती हैं। एसबीआई सहित कई सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने संभावित प्रभाव के बारे में शेयर बाजार को पहले ही सूचित कर दिया है।
‘यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस’ (यूएफबीयू) शनिवार को अवकाश घोषित करने की मांग कर रही है। यह एक महत्वपूर्ण मुद्दा है जिस पर कथित तौर पर मार्च 2024 में ‘इंडियन बैंक्स एसोसिएशन’ (आईबीए) के साथ हस्ताक्षरित 12वें द्विपक्षीय समझौते के दौरान सहमति बनी थी लेकिन सरकार ने अभी तक इस संबंध में अधिसूचना जारी नहीं की है। वर्तमान में बैंक महीने के पहले, तीसरे और पांचवें शनिवार को खुले रहते हैं।
