
Hazaribag. हजारीबाग के एनटीपीसी डीजीएम कुमार गौरव हत्याकांड में हजारीबाग पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है. पुलिस ने इस मामले में चार अपराधियों को दबोचा है. प्रेस वार्ता करते हुए मामले की जानकारी देते हुए हजारीबाग डीआईजी संजीव कुमार ने बताया कि डीजीएम की हत्या करने के पीछे हाल ही में एनकाउंटर में मारे गए गैंगस्टर अमन साहू का हाथ था. अपराधियों का मकसद सिर्फ कोयला खनन क्षेत्र में खौफ पैदा करना था. सभी अपराधी हजारीबाग और चतरा के हैं. डीआईजी ने बताया कि गिरफ्तार किए गए अपराधियों में हथियार सप्लाई करने वाला अजय यादव, बाइक चालक राहुल मुण्डा उर्फ मिरिंडा, मैन शूटर मिन्दु पासवान उर्फ छोटा छत्री और रेकी करने वाला मनोज माली शामिल हैं.
डीआइजी ने कहा कि घटना स्थल पर लगे सीसीटीवी फुटेज के आधार पर एसआईटी टीम ने जांच को आगे बढाया. इसके बाद हजारीबाग बडकागांव मार्ग मे विभिन्न जगहो पर लगे सीसीटीवी फुटेज को पुलिस ने खंगाला. इसी क्रम मे तकनीकी शाखा से मोबाइल कॉल डंप का भी मिलान किया गया. इसके बाद पुलिस को अपराधियों की पहचान मिली. इसके आधार पर एसआईटी टीम ने अपराधियों की गिरफ्तारी करने के लिये छापामारी किया. इस दौरान शूटर समेत चार अपराधियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. डीआईजी ने कहा कि एनटीपीसी के डीजीएम को गोली मारकर हत्या करने के बाद पहचान छुपाने के लिये अपराधियों ने हेलमेट, जैकेट खोल दिया. इसके बाद योजना के अनुसार सुरक्षित निकल गये. पुलिस ने इन सामानों को जब्त किया है.
बड़कागांव केरेडारी थाना क्षेत्र के विभिन्न कंपनियों एनटीपीसी, बीजीआर, ऋत्विक और त्रिवेणी सैनिक कंपनी मे दहशत फैलाने के लिये गिरोह मे कई स्थानीय युवकों को शामिल किया है. इन युवकों से कोल कंपनियों से लेवी वसूलने, वाहनों पर हमला करने व और रेकी करने का काम सौंपा जाता है. इसके लिये युवकों को मासिक रकम दी जाती है. इसके अलावा मोबाइल और एक विशेष एप्प दिया गया है. इसका उपयोग लेवी की राशि वसूलने मे किया जाता है.
