
Patna. आगामी विधानसभा चुनाव से पहले जहां भाजपा नीत सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) और विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन सीट बंटवारे को अंतिम रूप देने में जुटे हैं, वहीं जन सुराज पार्टी ने बढ़त बनाए रखी है. जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने शनिवार को राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता तेजस्वी यादव के गृह क्षेत्र राघोपुर से अपने चुनाव अभियान की शुरुआत की.
भाजपा के शीर्ष नेता दिल्ली में जमे
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और मंत्री मंगल पांडे इन दिनों दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं, जहां वे शीर्ष नेताओं और सहयोगी दलों के साथ लगातार बैठकें कर रहे हैं. जायसवाल ने दिल्ली में संवाददाताओं से कहा, “यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि सोशल मीडिया पर सीट बंटवारे को लेकर काल्पनिक आंकड़े प्रसारित किए जा रहे हैं. हमारे सहयोगी उपेंद्र कुशवाहा ने इस पर दुख जताते हुए ट्वीट किया है. स्पष्ट कर दूं कि बातचीत अभी जारी है और घोषणा जल्द होने की संभावना है.
राज्यसभा सदस्य और राष्ट्रीय लोक मोर्चा के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने मीडिया में आई उन खबरों पर प्रतिक्रिया दी थी जिनमें कहा गया था कि उनकी पार्टी को 243 सदस्यीय विधानसभा में एकल अंक यानी 10 से कम सीट दी जा सकती हैं.
एनडीए में ऐसा बन रहा फार्मूला
सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के जनता दल यूनाइटेड (जदयू) और भाजपा को लगभग बराबर सीट 101 से 102 तक मिल सकती हैं, जबकि केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) को लगभग 30 सीट मिलने की संभावना है. राजग के एक अन्य घटक जीतन राम मांझी अपनी पार्टी हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) के लिए “कम से कम 15 सीट मांग रहे हैं, उन्हें सात-आठ सीटों पर समझौता करने को कहा गया है. जब जायसवाल से पूछा गया कि घोषणा दिल्ली में होगी या पटना में, उन्होंने कहा, “हम अपने सहयोगियों से चर्चा करेंगे. कई नेता अपने-अपने क्षेत्रों में हैं। जिन नेताओं की उपस्थिति जरूरी होगी, उनकी सुविधा को देखते हुए स्थान तय किया जाएगा.
लालू प्रसाद के आवास पर चहल-पहल, प्रशांत ने दी चुनौती
लालू प्रसाद के आवास पर चहल-पहल बढ़ गई है। मुख्यमंत्री आवास के ठीक सामने स्थित उनके बंगले के बाहर पूरे दिन टिकट के दावेदारों की लंबी कतार लगी रही. वहीं, प्रशांत किशोर का दावा है कि “जन सुराज पार्टी ही अब तक 51 उम्मीदवारों की सूची जारी कर चुकी है और वह इस बात को लेकर आश्वस्त हैं कि उनकी नवगठित पार्टी पिता-पुत्र की जोड़ी (लालू-तेजस्वी) को कड़ी चुनौती देगी.
राघोपुर से अभियान की शुरुआत करते हुए किशोर ने तेजस्वी यादव के “एक से अधिक सीट से चुनाव लड़ने” की अटकलों पर टिप्पणी की, “शायद उनका हश्र उनके सहयोगी राहुल गांधी जैसा होगा, जो 2019 में वायनाड से तो जीत गए लेकिन अपनी पारंपरिक अमेठी सीट हार गए
