


Patna : राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, बिहार ने डिजिटल भू-अभिलेख प्रबंधन की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए ‘स्थानिक दाखिल–खारिज पोर्टल’ की शुरुआत की. इसका उद्घाटन सोमवार को पटना स्थित सर्वे भवन में राज्य के राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री संजय सरावगी ने किया.
डिजिटल इंडिया की ओर बिहार का बड़ा कदम
मंत्री संजय सरावगी ने कहा कि विभाग अब झोला युग से लैपटॉप युग में प्रवेश कर चुका है. इस नई तकनीक से लोगों को त्वरित न्याय और तेज सेवा मिलेगी. बिहार इस प्रणाली को अपनाने वाला देश का पहला राज्य बन गया है.
80 गांवों में शुरू, आगे होगा विस्तार
फिलहाल तीन जिलों के 80 से अधिक गांवों में यह प्रणाली लागू की गई है. अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने बताया कि जहां विशेष सर्वेक्षण का कार्य पूरा हो चुका है, वहां इसे लागू किया जाएगा. उन्होंने इसे पूरी टीम की मेहनत का नतीजा बताया.
आईआईटी रुड़की का तकनीकी सहयोग
विभाग ने इस परियोजना के लिए आईआईटी रुड़की से तकनीकी सहयोग लिया है. प्रो. कमल जैन ने बताया कि इस जीआईएस समाधान को ‘मेक इन इंडिया’ के तहत तैयार किया गया है, जिससे अब विदेशी तकनीक पर निर्भरता नहीं रही.
जॉइंट प्रॉपर्टी विवादों का होगा समाधान
सचिव जय सिंह ने बताया कि इस पोर्टल से यदि कोई व्यक्ति जॉइंट प्रॉपर्टी का हिस्सा बेचता है, तो उसका नक्शा स्वतः जुड़ जाएगा. इससे विवादों में कमी आएगी और पारदर्शिता बढ़ेगी.
इस अवसर पर निदेशक जे. प्रियदर्शिनी, सचिव दिनेश कुमार राय, विशेष सचिव अरुण कुमार सिंह, संयुक्त सचिव अनिल कुमार पांडेय और अन्य अधिकारी मौजूद थे.



