
जमशेदपुर।
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) के अंतर्गत नागपुर स्थित सिग्नल एवं दूरसंचार निर्माण यूनिट ने रेल सुरक्षा और आधुनिकीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। वडसा रेलवे स्टेशन पर सिग्नल एवं दूरसंचार प्रणाली के आधुनिकीकरण का महत्वपूर्ण कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। इस बड़े बदलाव के बाद अब स्टेशन पर रेल परिचालन पहले से कहीं अधिक संरक्षित, तेज और दक्ष हो जाएगा। भारतीय रेलवे लगातार अपनी बुनियादी संरचना को मजबूत कर रहा है और यह अपग्रेडेशन उसी दिशा में एक मील का पत्थर है।
पुरानी प्रणाली की जगह अत्याधुनिक हिताची सिस्टम
इस महत्वपूर्ण परियोजना के तहत वडसा स्टेशन पर वर्षों से काम कर रही पुरानी वेस्ट्रेस इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग (EI) प्रणाली को पूरी तरह से हटा दिया गया है। इसकी जगह अब अत्याधुनिक और सुरक्षित हिताची इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग प्रणाली स्थापित की गई है। इसके साथ ही स्टेशन यार्ड का पुनर्गठन करते हुए इसे नई अरमोरी ब्रॉडगेज रेल लाइन से सफलतापूर्वक जोड़ दिया गया है।
इस बेहद जटिल और तकनीकी कार्य को रेलवे इंजीनियरों ने मात्र 5 घंटे के मेगा ट्रैफिक ब्लॉक के दौरान बिना किसी बड़ी बाधा के पूरा किया। इस नई और उन्नत प्रणाली को 07 जून 2026 से आधिकारिक रूप से चालू कर दिया गया है। इससे न केवल परिचालन क्षमता में भारी वृद्धि होगी बल्कि रेलवे का पूरा यातायात नेटवर्क अधिक विश्वसनीय और सुचारु रूप से काम करेगा।
नई प्रणाली की प्रमुख तकनीकी विशेषताएं
वडसा स्टेशन पर लागू की गई नई व्यवस्था पूरी तरह से तकनीक पर आधारित है। यहां अत्याधुनिक आई.पी.एस. (IPS) विद्युत आपूर्ति प्रणाली के साथ फायर अलार्म सिस्टम भी इंस्टॉल किया गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
इस नई इंटरलॉकिंग प्रणाली के माध्यम से पूरे स्टेशन के इंफ्रास्ट्रक्चर को डिजिटल रूप से कंट्रोल किया जाएगा। इसमें कुल 63 रूट, 15 मुख्य सिग्नल, 6 कॉलिंग-ऑन सिग्नल, 8 शंट सिग्नल, 3 मुख्य रेल लाइनें और 31 डीसी ट्रैक सर्किट शामिल हैं, जिनका सफल संचालन किया जा रहा है।
भविष्य के विस्तार और रेल संरक्षा को मिलेगा बल
इस नई व्यवस्था के पूर्ण होने से सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि अरमोरी नई ब्रॉडगेज रेल लाइन के साथ स्टेशन का संपर्क बहुत बेहतर हो जाएगा। इससे भविष्य में इस पूरे क्षेत्र में रेल सेवाओं के विस्तार और मालगाड़ी व यात्री ट्रेनों की बढ़ती संख्या को आसानी से संभाला जा सकेगा। ट्रेनों के परिचालन में समयपालन (Punctuality) और दक्षता में भी उल्लेखनीय सुधार होगा।
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे हमेशा से ही आधुनिक तकनीकों को अपनाकर यात्रियों को सुरक्षित और सुगम यात्रा का अनुभव देने के लिए प्रतिबद्ध रहा है। वडसा रेलवे स्टेशन पर इस अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग प्रणाली का सफल कमीशनिंग इसी प्रतिबद्धता का एक शानदार उदाहरण है।
