Site icon Lahar Chakra

CBDT ने सरल आयकर कानून के लिए नियमों को अधिसूचित किया, एक अप्रैल से होंगे प्रभावी, वेतनभोगियों के लिए HRA पर बढ़े हुए कर लाभ का है प्रावधान

New Delhi. केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने शुक्रवार को आयकर अधिनियम, 2025 के लिए नियमों को अधिसूचित कर दिया है। इसमें वेतनभोगियों के लिए मकान किराया भत्ते पर बढ़े हुए कर लाभ का प्रावधान है, लेकिन मकान मालिक-किरायेदार के संबंधों का खुलासा करना अनिवार्य कर दिया गया है। आयकर नियम, 2026 उस सरल प्रत्यक्ष कर कानून को लागू करेंगे, जिसे पिछले साल संसद ने मंजूरी दी थी। यह एक अप्रैल से प्रभावी होगा।

नए नियमों में पूंजीगत लाभ, शेयर बाजार के लेनदेन और अनिवासी कराधान के लिए सख्त नियम बनाए गए हैं, जबकि अन्य खुलासा प्रणाली को सरल बनाया गया है। अधिसूचना में 150 से अधिक आधिकारिक फॉर्म पेश किए गए हैं।

आयकर नियम वेतनभोगी करदाताओं पर लागू होने वाले मकान किराया भत्ता (एचआरए) छूट के लिए प्रस्तावित ढांचे को बरकरार रखते हैं। नए नियमों के तहत आठ शहर – मुंबई, कोलकाता, दिल्ली, चेन्नई, हैदराबाद, पुणे, अहमदाबाद और बेंगलुरु – वेतन के 50 प्रतिशत की उच्च छूट सीमा के लिए पात्र होंगे, जबकि अन्य सभी स्थान 40 प्रतिशत पर बने रहेंगे।
इस समय मुंबई, दिल्ली, कोलकाता और चेन्नई में वेतनभोगी कर्मचारी अपने वेतन के 50 प्रतिशत तक एचआरए छूट का दावा कर सकते है, जबकि अन्य स्थानों पर रहने वाले 40 प्रतिशत की निचली सीमा के लिए पात्र हैं।

नए नियमों के तहत आयकर कटौती का दावा करने के लिए किरायेदार-मकान मालिक के संबंधों के बारे में जानकारी देना जरूरी है और इसमें विदेशी आय पर टैक्स क्रेडिट दावों के लिए लेखा परीक्षकों और कंपनियों की जिम्मेदारी बढ़ाई गई है। इसमें पैन के दोहरीकरण और प्रतिकूल ऑडिट टिप्पणी से पैदा होने वाली कर देनदारी की जांच के लिए लेखा परीक्षकों को अधिक जिम्मेदारी दी गयी है।

Exit mobile version