
New Delhi. केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने शुक्रवार को दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, बिलासपुर के मुख्य अभियंता और तीन अन्य को एक निजी कंपनी से 32 लाख रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया है. सीबीआइ ने सभी को 32 लाख रुपये के साथ रांची से गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार लोगों में इंजीनियर के एक पारिवारिक सदस्य के अलावा दो लोग निजी कंपनी से जुड़े हैं. इस मामले में सीबीआइ की अलग-अलग टीम ने रांची और छत्तीसगढ़ में छापेमारी की है.
सीबीआइ को यह शिकायत मिली थी कि साउथ ईस्ट सेंट्रल रेलवे में अंडरब्रिज व रेलवे ओवरब्रिज के ठेके में निजी कंपनी से पैसा लेकर फायदा पहुंचाया जा रहा है. इसके बाद प्राथमिकी दर्ज कर सीबीआइ जांच में जुट गयी थी. इस दौरान एजेंसी को पता चला कि रेलवे में ठेकेदारी करनेवाली निजी कंपनी के एमडी ने 21 अप्रैल को अपने बेटे को बताया था कि वह विलासपुर में चीफ इंजीनियर से मिलने उनके दफ्तर जा रहा है. चीफ इंजीनियर से बैठक में बात तय होने के बाद निजी कंपनी के एमडी ने अपने बेटे को फिर बताया कि कंपनी के लंबित मामले के निपटारे के लिए रिश्वत के तौर पर 32 लाख रुपये देने पर सहमति बनी है.
इसके बाद कंपनी के एमडी ने अपने एक स्टाफ को यह सूचना दी कि 32 लाख रुपये घूस की रकम रांची स्थित चीफ इंजीनियर के परिवार को देनी है. उधर, चीफ इंजीनियर ने भी रांची में अपने पारिवारिक सदस्य को यह सूचित किया कि एक व्यक्ति 32 लाख रुपये लेकर जायेगा. उससे रुपये ले लेना है.
