
New Delhi. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को कहा कि आयकर अधिनियम 2025 को एक अप्रैल से लागू किया जाएगा और इसके नियम तथा ‘टैक्स रिटर्न’ फॉर्म जल्द ही अधिसूचित किए जाएंगे। एक अप्रैल से आयकर अधिनियम 2025 लागू हो जाएगा, जो छह दशक पुराने कर कानून का स्थान लेगा। बजट 2026-27 में कर कानूनों में किए गए बदलावों को इस नए कानून में शामिल किया जाएगा।
सीतारमण ने रविवार को लोकसभा में अपने बजट भाषण में कहा, ‘‘इसे (प्रत्यक्ष कर संहिता) रिकॉर्ड समय में पूरा किया गया और आयकर अधिनियम, 2025 पहली अप्रैल, 2026 से प्रभावी होगा। सरलीकृत आयकर नियमों और फॉर्म को जल्द ही अधिसूचित किया जाएगा, जिससे करदाताओं को इसकी आवश्यकताओं से परिचित होने के लिए पर्याप्त समय मिल सके। उन्होंने आगे कहा कि फॉर्म को इस तरह से तैयार किया गया है कि सामान्य नागरिक बिना किसी कठिनाई के इनका पालन कर सकें।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को संशोधित आयकर रिटर्न दाखिल करने की समयसीमा को बढ़ाकर 31 दिसंबर से 31 मार्च करने का प्रस्ताव किया। मामूली शुल्क के भुगतान के साथ आयकरदाता इस सुविधा का लाभ उठा सकेंगे। सीतारमण ने इसके साथ उदारीकृत प्रेषण योजना के तहत शिक्षा और चिकित्सा शिक्षा प्राप्त करने के मामले में लगने वाले स्रोत पर कर संग्रह (टीसीएस) की दर को पांच प्रतिशत से घटाकर दो प्रतिशत करने का भी प्रस्ताव किया।
विदेश यात्रा पैकेज की बिक्री पर लगने वाले टीसीएस की दर को पांच प्रतिशत से घटाकर दो प्रतिशत करने की घोषणा की गई। यह दर पहले 20 प्रतिशत थी। उन्होंने वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में छोटे करदाताओं के लिए नियम-आधारित स्वचालित प्रक्रिया का भी प्रस्ताव रखा। सीतारमण ने अपने बजट भाषण में मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण द्वारा दिए गए मुआवजा को कर से छूट देने के प्रस्ताव की घोषणा की।
