


Chaibasa. पश्चिमी सिंहभूम के सारंडा जंगल में घायल हुए छह साल के जंगली हाथी की इलाज के दौरान मौत हो गई. बीते दस दिनों से वह जंगल में घायल हालत में भटक रहा था. वन विभाग की तमाम कोशिशों के बावजूद उसकी जान नहीं बचाई जा सकी. वन विभाग और गुजरात के वनतारा की मेडिकल टीम ने शनिवार की देर शाम हाथी को ट्रैंकुलाइज किया. इसके बाद उसे सारंडा के दीघा से जराईकेला लाया गया. रातभर इलाज की कोशिशें जारी रहीं, लेकिन ज्यादा खून बह जाने और शरीर में अंदरूनी जख्म के कारण उसने दम तोड़ दिया. आज मृत हाथी का पोस्टमॉर्टम किया जाएगा. हाथी के शरीर से लगातार खून बह रहा था और वह चलने-फिरने में असमर्थ हो गया था.
वन विभाग ने ड्रोन की मदद से हाथी की लोकेशन ट्रैक की थी. अंतिम बार उसे 27 जून को दीघा गांव के पास देखा गया था. ड्रोन से मिले फुटेज में हाथी के पैर में सूजन और खून के निशान साफ नजर आ रहे थे.



