
Chaibasa. भारत आदिवासी पार्टी ने हेमंत सरकार पर सारंडा क्षेत्र के वनग्रामों में बसे आदिवासियों की अनदेखी का आरोप लगाया. पार्टी ने चाईबासा में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि राज्य सरकार सारंडा के 40 से अधिक वनग्रामों को अभयारण्य क्षेत्र से बचाने में पूरी तरह विफल रही है, जिससे वहाँ के निवासियों में विस्थापन की आशंका गहराने लगी है. पार्टी की मांग है कि जिस प्रकार खनन क्षेत्र को अभयारण्य से मुक्त रखा गया है, उसी प्रकार सारंडा के 40 वनग्रामों को भी अभयारण्य क्षेत्र से बाहर रखा जाए.
पार्टी के जिला उपाध्यक्ष तुरी सुंडी ने जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट मद में भारी भ्रष्टाचार व्याप्त होने का गंभीर आरोप लगाया. सुंडी ने डीएमएफटी कोष की उच्च स्तरीय जांच की मांग की.
बताया गया कि भारत आदिवासी पार्टी आगामी 11 नवंबर को जिला मुख्यालय में एक एकदिवसीय धरना-प्रदर्शन करेगी. प्रेस कॉन्फ्रेंस में जिला सचिव शांतिएल कांद्याबुरू, चंद्रशेखर मुंडा, मोरन सिंह देवगम, सनातन सवैया और हरिश बालमुचु उपस्थित थे.
