
Manoharpur.पश्चिमी सिंहभूम के मनोहरपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में जच्चा-बच्चा की मौत ने एक बार फिर से व्यवस्था पर सवाल खड़ा कर दिया है। शनिवार शाम चार बजे मृत बच्चे के जन्म के तीन घंटे बाद ही प्रसूता की मौत हो गयी। परिजनों ने प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की है।प्रसूता खुशबू खंडाइत (31 वर्ष) नंदपुर पंचायत की कृष्णानगर ब्लॉक कॉलोनी की रहनेवाली थी। उसे शनिवार सुबह 9 बजे भर्ती कराया गया था। दोपहर लगभग 4 बजे ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर की मौजूदगी में प्रसव हुआ, जिसमें मृत बच्चा पैदा हुआ। लेकिन, तीन घंटे बाद ही शाम करीब सात बजे प्रसूता की भी मौत हो गयी। पति रोहित खंडाइत का आरोप है कि दिनभर महिला की हालत बिगड़ती रही, पर समय पर उचित इलाज नहीं मिल सका।
शाम करीब 4 बजे तक ड्यूटी पर मौजूद नर्स ने डॉक्टर को जानकारी ही नहीं दी। जब तक डॉक्टर तक सूचना पहुंची, तब तक स्थिति बेहद गंभीर हो चुकी थी। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि अगर समय रहते डॉक्टर को बुलाया जाता और सही इलाज मिलता, तो महिला और बच्चे की जान बचायी जा सकती थी।
रोहित खंडाइत ने कहा कि करीब आठ साल पहले उनकी शादी हुई थी। आठ साल तक कोई संतान नहीं हो रही थी। आठ साल बाद उनकी पत्नी गर्भवती हुई तो परिवार को काफी उम्मीदें थीं। सुबह ज़ब पत्नी को भर्ती कराया, तब पत्नी व बच्चा दोनों ठीक थे। प्रसव के समय भी ड्यूटी पर तैनात नर्स ने उन्हें बताया था कि सब ठीक है। लेकिन, अचानक प्रसव के बाद बताया कि बच्चा मृत पैदा हुआ है। वहीं, शाम करीब 7 बजे पत्नी की भी मौत हो गयी।
