
Chaibasa. पश्चिम सिंहभूम जिले में एक व्यक्ति को कथित तौर पर अपने चार माह के बेटे के शव को अस्पताल से घर तक बैग में ले जाने के लिए मजबूर किए जाने के मामले में प्रशासन ने शनिवार को जांच के आदेश दिए. उपायुक्त चंदन कुमार ने कहा, ‘हम इस मामले की जांच कर रहे हैं.’ उपायुक्त (डीसी) ने कहा कि अब तक मिली जानकारी के अनुसार, उस व्यक्ति ने अस्पताल में किसी से भी एम्बुलेंस के लिए पूछे बिना शव को अपने बैग में डाल दिया. उन्होंने बताया कि अस्पताल में शव को ले जाने के लिए मुफ्त एम्बुलेंस सेवा की सुविधा उपलब्ध नहीं है, लेकिन अगर उन्होंने अस्पताल में किसी से संपर्क किया होता तो वे कोई समाधान निकालने की कोशिश कर सकते थे. उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन ने घटना का संज्ञान लिया है और इसकी जांच कर रहा है.
इस बीच, झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और सेरायकेला के विधायक चंपाई सोरेन ने शनिवार को इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया. चंपई सोरेन ने इस घटना का उल्लेख करते हुए सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, ‘झारखंड के गठन के 25 साल बाद भी इससे अधिक अमानवीय और खेदजनक क्या हो सकता है? एक गरीब आदमी को अपने शिशु के शव को इस प्रकार ले जाना पड़ा.’
पश्चिम सिंहभूम जिले के नोआमुंडी ब्लॉक के बलजोड़ी गांव के निवासी दिम्बा चटोम्बा के चार महीने के बेटे की शुक्रवार को जिला मुख्यालय शहर चाईबासा के सदर अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई थी. प्राप्त जानकारी के मुताबिक चटोम्बा ने एक बैग खरीदा और उसमें अपने बेटे का शव भर दिया, फिर वह बस से अपने पैतृक गांव के लिए रवाना हो गया.
