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Chaibasa Lathicharge Protest: चाईबासा और सरायकेला में बंद का मिलाजुला असर, लंबी दूरी की बसें नहीं चलीं, जिला प्रशासन ने यह किया दावा

Chaibasa/Saraikela.चाईबासा में आदिवासियों पर कथित लाठीचार्ज के विरोध में बुधवार को भाजपा की ओर से पश्चिम सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां जिलों में आहूत 12 घंटे के बंद का मिलाजुला असर दिखा.अधिकारियों के अनुसार, स्कूल, कार्यालय और व्यावसायिक प्रतिष्ठान सामान्य रूप से खुले रहे तथा वाहनों की आवाजाही भी सामान्य रही. पश्चिम सिंहभूम के पुलिस अधीक्षक (एसपी) अमित रेनू ने बताया कि भाजपा समर्थकों ने बंद को सफल बनाने के लिए रैलियां निकालने की कोशिश की, लेकिन उनके प्रयासों को नाकाम कर दिया गया.

सुबह छह बजे से शाम छह बजे तक का यह बंद सोमवार रात चाईबासा में विरोध प्रदर्शन के दौरान आदिवासियों पर कथित लाठीचार्ज के विरोध में बुलाया गया था. एसपी रेनू ने कहा,कुछ लोगों ने बंद के समर्थन में रैली निकालने की कोशिश की, लेकिन प्रयास असफल रहा. यातायात सामान्य है, जिले में कहीं से भी हिंसा की सूचना नहीं मिली है और किसी की एहतियातन गिरफ्तारी भी नहीं की गई है. उन्होंने बताया कि लंबी दूरी की बसें कुछ कम चलीं, लेकिन परिवहन व्यवस्था पर कोई खास असर नहीं पड़ा.

सरायकेला-खरसावां जिले में भी बंद का असर सामान्य रहा. जिले के एसपी मुकेश कुमार लुनायत ने बताया, जिले में बंद का कोई खास प्रभाव नहीं देखा गया. स्थानीय यातायात और लंबी दूरी की बसें सामान्य रूप से चलीं. बंद समर्थकों ने कहीं भी सड़क जाम या गड़बड़ी नहीं की.
इधर, भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सरायकेला में दुकानदारों से अपील कर दुकानें बंद कराईं. भाजपा नेत्री मीरा मुंडा और भाजपा जिला अध्यक्ष उदय सिंहदेव के नेतृत्व में कार्यकर्ता गैरेज चौक और संजय चौक क्षेत्र में सड़क पर उतरे और लोगों से बंद का समर्थन करने की अपील की.

भाजपा नेत्री मीरा मुंडा ने कहा कि यह सरकार पूरी तरह दमनकारी है. आवाज उठाने वालों के ऊपर लाठीचार्ज करवाकर राज्य सरकार ने आदिवासी समाज का अपमान किया है. उन्होंने कहा कि पुलिस द्वारा की गई बर्बरता राज्य सरकार के समर्थन से की गई है जिसकी भाजपा घोर निंदा करती है.

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