
Chaibasa. स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने बृहस्पतिवार को बताया कि पश्चिमी सिंहभूम जिले में चाईबासा ब्लड बैंक के तीन रक्तदाताओं में एचआईवी की पुष्टि हुई. मंत्री ने कहा कि 2023 से 2025 के बीच चाईबास ब्लड बैंक में कुल 259 लोगों ने रक्तदान किया और प्रशासन प्रत्येक रक्तदाता से फोन पर संपर्क करने की कोशिश कर रहा है. उन्होंने थैलेसीमिया के पांच रोगियों में पिछले सप्ताह एचआईवी संक्रमण की पुष्टि होने के बाद ब्लड बैंक का निरीक्षण किया. थैलेसीमिया (आनुवांशिक रक्त विकार) से ग्रसित एक मरीज के परिवार ने आरोप लगाया था कि ब्लड बैंक से मरीज को एचआईवी संक्रमित व्यक्ति का रक्त चढ़ाया गया.
मंत्री ने कहा कि 259 रक्तदाताओं में से हम 44 से संपर्क कर पाए और जांच के बाद उनमें से तीन मरीजों में एचआईवी की पुष्टि हुई. इसके अलावा एक रक्तदाता के परिवार के पांच सदस्य भी एचआईवी से प्रभावित थे. उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने के बाद ही हम सटीक स्थिति बता पाएंगे और इसमें कम से कम चार सप्ताह का समय लगने की संभावना है. मंत्री ने कहा कि पहले हमें यह पता लगाना होगा कि पीड़ितों ने रक्त ब्लड बैंक से लिया है या कहीं और से. मंत्री ने कहा कि सरकार ने इस मुद्दे को बहुत गंभीरता से लिया है और राज्य भर के प्रत्येक ब्लड बैंक का ऑडिट करने का आदेश दिया है ताकि अगर कोई कमी हो तो उसका पता लगाया जा सके.
मंत्री ने कहा कि अगर कोई दोषी पाया गया तो हम उसे नहीं बख्शेंगे. हमने अभी कुछ दोषी अधिकारियों को निलंबित किया है और अगर अनियमितताएं पाई गईं तो हम उन्हें गिरफ्तार भी करेंगे. मंत्री का इशारा थैलेसीमिया से पीड़ित पांच रोगियों में एचआईवी संक्रमण की पुष्टि होने के बाद जिला सिविल सर्जन समेत पांच लोगों के निलंबन की ओर था.
अंसारी ने कहा कि थैलेसीमिया रोगियों को हर 15 दिन में रक्त की आवश्यकता होती है और वे अपने साथ रक्तदाता भी लाते हैं. यह पूछे जाने पर कि ब्लड बैंक में कुछ गर्भवती महिलाओं को भी रक्त चढ़ाया गया था मंत्री ने कहा कि इस मामले की जांच की जा रही है.
