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Chaibasa: सारंडा बनता जा रहा हाथियों का कब्रगाह! एक बार फिर IED विस्फोट में घायल हथिनी की मौत, चिकित्सकों की लाख कोशिशों के बाद भी नहीं बची जान

Chaibasa. पश्चिमी सिंहभूम के सारंडा में आईईडी विस्फोट में घायल हथिनी की मौत हो गई. हथिनी की मौत बीते रात डेढ़ से दो बजे के करीब हुई है. बताया जा रहा है की हथिनी बीते शनिवार को ईलाज के बाद सुस्त पड़ गई थी, हालांकि हथिनी ने देर रात फल सब्जी आदि भी खाई थी. बताया जा रहा है उसके बाद वो सो गई, वहीं सुबह ज़ब हथिनी की निगरानी करने टीम पहुंची तो पाया की हथिनी इई मौत हो चुकी है. वहीं रविवार को हथिनी का जंगल में ही पोस्टमार्टम किया जा रहा है. इस घटना से वन्यजीव प्रेमियों में गहरी चिंता है. क्योंकि यह इलाका पहले से ही नक्सली गतिविधियों और विस्फोटों के कारण हाथियों के लिए खतरनाक बन चुका है.

तीन माह पहले यहां दो हाथियों की मौत
सारंडा में हाथियों के घायल और मारे जाने की घटनाएं लगातार चिंता बढ़ा रही हैं. महज तीन माह पहले यहां दो हाथियों की मौत हो चुकी है। पहला हाथी पांच जुलाई को ट्रैक्युलाइज कर रेस्क्यू किया गया था, लेकिन इलाज शुरू होने के केवल 40 मिनट बाद ही उसने दम तोड़ दिया. दूसरे हाथी को नौ जुलाई को रेस्क्यू किया गया, परंतु वह भी आधे घंटे के भीतर मर गया. दोनों हाथी नक्सलियों की ओर से जंगल में बिछाए गए आईईडी विस्फोट की चपेट में आए थे.

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