
Chaibasa. सिक्किम के नामची जिले में एक निर्माणाधीन सुरंग के ढहने से मारे गए झारखंड के चार श्रमिकों में से तीन के शव शुक्रवार को राज्य पहुंचा दिए गए। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। राज्य प्रवासन नियंत्रण कक्ष की टीम लीडर शिखा लाकड़ा ने बताया कि खूंटी जिले के दो और हजारीबाग जिले के एक श्रमिक का शव लाया गया, जबकि पश्चिमी सिंहभूम जिले के चौथे श्रमिक का शव शनिवार तक झारखंड लाए जाने की उम्मीद है। लाकड़ा ने कहा, शुक्रवार को तीन शवों को रांची के बिरसा मुंडा हवाई अड्डे लाया गया।
चौथा शव शनिवार को झारखंड लाया जाएगा।’’ खूंटी जिले के डाहू गांव निवासी और परियोजना में वेल्डर के तौर पर काम करने वाले कृष्णा साहू तथा बुदारू विकास कंडुलना के शव उनके गांव ले जाए गए। साहू के छोटे भाई बबलू ने कहा, मेरे बड़े भाई कृष्णा साहू का अंतिम संस्कार गांव में अपराह्न करीब एक बजे किया गया।’’ बबलू अपने भाई के साथ सिक्किम में थे और परियोजना स्थल पर श्रमिकों को खाना पहुंचाने का काम करते थे। हजारीबाग जिले के रहने वाले ‘एक्सकेवेटर’ (खुदाई करने वाली मशीन) के संचालक जगेश्वर ठाकुर (46) का शव भी शुक्रवार सुबह उनके गांव पहुंचाया गया।
लाकड़ा ने बताया कि पश्चिमी सिंहभूम जिले के रहने वाले मैश बारजो (53) का शव भी बरामद कर लिया गया है और यह शनिवार को लाया जाएगा। सोमवार को समरडुंग में राष्ट्रीय जल विद्युत निगम (एनएचपीसी) तीस्ता चरण-6 जलविद्युत परियोजना के तहत एक निर्माणाधीन सुरंग में संभवत: मीथेन गैस के रिसाव के कारण हुए धमाके के बाद सुरंग ढह गई, जिसमें 25 मजदूरों की मौत हो गई।
