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Champai Soren : पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन रांची आवास में हाउस अरेस्ट, घर के बाहर पुलिस बल तैनात, रिम्स-2 की भूमि को लेकर विरोध प्रदर्शन से पहले प्रशासन की कार्रवाई

Ranchi. पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन को रविवार सुबह उनके रांची स्थित आवास पर हाउस अरेस्ट कर लिया गया है. यह कार्रवाई सदर डीएसपी की अगुवाई में की गई. बताया जा रहा है कि चंपाई सोरेन रविवार को नगड़ी में चल रहे रिम्स-2 जमीन विवाद को लेकर हल चलाने और प्रदर्शन में शामिल होने वाले थे, लेकिन उससे पहले ही उन्हें घर में नजरबंद कर दिया गया. प्रशासन ने एहतियातन कदम उठाते हुए उनके आवास के बाहर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया. चंपई सोरेन ने आरोप लगाए हैं कि उन्हें घर से बाहर जाने से रोका गया है.
इस पर चंपाई सोरेन ने कहा कि भूमि अधिग्रहण के मुद्दे पर आदिवासियों के विरोध प्रदर्शन का समर्थन करने पर मुझे नजरबंद करना अलोकतांत्रिक है. इसके अलावा, उनके बेटे बाबूलाल सोरेन को भी पुलिस ने डिटेन कर लिया है. बाबूलाल सोरेन भी इसी प्रदर्शन में भाग लेने रांची जा रहे थे. बाबूलाल सोरेन को तमाड़ में डिटेन किया गया. सोरेन ने 19 अगस्त को संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाया कि सरकार द्वारा जबरन भूमि अधिग्रहण किया गया है और क्षेत्र में सुरक्षा बाड़ लगाकर किसानों को अपनी जमीन पर खेती करने से रोका जा रहा है.

चंपाई सोरेन के विरोध प्रदर्शन को लेकर निषेधाज्ञा
रांची में करोड़ों रुपये की स्वास्थ्य परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण के मुद्दे पर आदिवासी संगठनों के विरोध प्रदर्शन से एक दिन पहले प्रशासन ने शनिवार को निषेधाज्ञा लागू कर दी और राज्य की राजधानी के नगड़ी इलाके में सार्वजनिक सभा पर प्रतिबंध लगा दिया. किसानों, भूमि मालिकों और 20 से अधिक आदिवासी समूहों ने रविवार को उस स्थल पर ‘हल जोतो, रोपा रोपो’ विरोध प्रदर्शन की घोषणा की है, जहां एक हजार करोड़ रुपये की रिम्स 2 अस्पताल परियोजना प्रस्तावित है. राज्य के प्रमुख स्वास्थ्य सुविधा केंद्र राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) के विस्तार को रिम्स 2 नाम दिया गया है.

झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता चंपई सोरेन ने भी आंदोलन में शामिल होने की घोषणा की है. रांची प्रशासन द्वारा शनिवार को जारी एक बयान के अनुसार, ‘‘कांके के नगड़ी मौजा में प्रस्तावित रिम्स-2 स्थल के लिए सीमांकन और सुरक्षा बाड़ लगाने का काम पूरा हो गया है. यह समझा जा रहा है कि स्थल पर भीड़ जमा हो सकती है और कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा बाड़ वाले क्षेत्र में घुसकर कानून-व्यवस्था भंग करने की कोशिश की संभावना भी है.’

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