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औरंगजेब पर फिर बवाल, कब्र तोड़ने जा रहे प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने रास्ते में किया गिरफ्तार

औरंगजेब (Aurangzeb) की कब्र पर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा. रविवार को धर्मवीर छत्रपति संभाजी राजे शौर्य प्रतिष्ठान ने कब्र उखाड़ने की चेतावनी दी थी. सुबह से ही शहर के क्रांति चौक (Kranti Chowk) परिसर में भारी पुलिस बल तैनात थे. इधर कब्र तोड़ने जा रहे प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया. इनमें प्रतिष्ठान के अध्यक्ष बलराजे अवारे पाटिल भी शामिल है.

महाराष्ट्र में छत्रपत्रि संभाजी नगर में रविवार को फिर एकबार औरंगजेब की कब्र को तनाव की स्थिति बन गई. धर्मवीर छत्रपति संभाजी राजे शौर्य प्रतिष्ठान ने कब्र तोड़ने की धमकी दी थी. कब्र को लेकर मचे बवाल के बाद पुलिस ने शहर में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात कर दिए है.

कांटेदार तार से मकबरे को घेरा

छत्रपति संभाजी नगर पुलिस सुबह से ही शहर के क्रांतिचौक परिसर में बड़ी संख्या में पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी और जवान इन कार्यकर्ताओं का हिरासत में लेने के लिए मौजूद थे. बाद में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया. वहीं दूसरी ओर, छत्रपति संभाजीनगर से लगभग 30 किलोमीटर दूर खुल्ताबाद में मुगल बादशाह औरंगजेब के मकबरे की सुरक्षा के लिए धातु की चादर लगाने के कुछ दिनों के के बाद भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने अब चादर और मौजूदा संगमरमर की ग्रिल के बीच कांटेदार तार लगा दिए हैं जो तीन सदी से अधिक पुराने मकबरे को दो तरफ से घेरे हुए हैं.

तीसरी तरफ एक दीवार है जबकि चौथी तरफ मकबरे में एक छोटा प्रवेश द्वार है. दक्षिणपंथी संगठनों द्वारा सरकार द्वारा मकबरे को नहीं हटाने पर बाबरी मस्जिद विध्वंस के समान कार सेवा करने की धमकी के बाद यह कदम उठाया जा रहा है. बड़ी संख्या में मकबरे पर पुलिस बल भी तैनात कर दिया गया है.

इसके अलावा ढांचे की ओर आवाजाही को काफी हद तक रोक दिया गया है. मकबरे की छठी पीढ़ी के देखभालकर्ता फिरोज अहमद ने कहा, पहले धातु की चादरें लगाई गईं और अब सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए सरकारी अधिकारियों ने कांटेदार तार लगाने से रोक दिया है.

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