
New Delhi. सरकार और कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के बीच शुक्रवार को यहां ‘कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया’ में बातचीत होने वाली है। संगठन ने कहा कि केंद्र सरकार ने बैठक तटस्थ स्थान पर आयोजित किए जाने की उसकी मांग स्वीकार कर ली है। हालांकि, अभी तक सरकार की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गयी है। यह घटनाक्रम सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक द्वारा उनकी मुख्य मांगों पर सरकार से मिले आश्वासन के बाद बृहस्पतिवार देर रात 26 दिन की भूख हड़ताल खत्म करने के कुछ घंटों बाद सामने आया है।
केंद्र सरकार और कॉजपा सदस्यों के बीच बैठक दोपहर करीब साढ़े 12 बजे होने की संभावना है।
कॉजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सौरभ दास ने कहा कि संगठन सरकार द्वारा ‘‘किसी तटस्थ स्थान पर बैठक की मांग स्वीकार करने’’ के फैसले का स्वागत करता है। दास ने संवाददाताओं से कहा, चर्चा के लिए बैठक बुलाई गई है। हमें बेहद खुशी है कि सरकार ने हमारी इस मांग को स्वीकार कर लिया कि बैठक किसी तटस्थ स्थान पर होनी चाहिए और इसके लिए ‘कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया’ को चुना गया है।’’
उन्होंने कहा, मुझे उम्मीद है कि सरकार खुले मन से आएगी और लोगों की बात सुनेगी। कॉजपा ने इससे पहले किसी मंत्री के आवास या कार्यालय में वार्ता करने के सरकार के निमंत्रण को ठुकरा दिया था और इस बात पर जोर दिया था कि बातचीत किसी तटस्थ स्थान पर ही होनी चाहिए।
दोनों पक्षों के बीच पिछली दौर की वार्ता 20 जुलाई को हुई थी, जब कॉजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सौरभ दास और आशुतोष रांका ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे. पी. नड्डा से उनके आवास पर मुलाकात की थी।
दोनों नेताओं ने बाद में आरोप लगाया था कि बैठक के दौरान उन्हें ‘‘वर्चुअल नजरबंदी’’ में रखा गया था। उन्होंने कहा था कि इसके बाद उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि सरकार के साथ भविष्य में होने वाली सभी वार्ताएं केवल किसी तटस्थ स्थान पर ही होंगी। कॉजपा ने कहा है कि जंतर-मंतर पर उसका प्रदर्शन तब तक जारी रहेगा, जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं दे देते।
