
New Delhi. कांग्रेस नेतृत्व और पार्टी की बिहार इकाई के नेताओं की बैठक में मंगलवार को यह फैसला किया गया कि विधानसभा चुनाव में वह ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंन्क्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) के अपने सहयोगी दलों के साथ मिलकर विधानसभा चुनाव लड़ेगी तथा मुख्यमंत्री के चेहरे और सीट बंटवारे के बारे में कोई फैसला सभी साथी दल सामूहिक रूप से लेंगे. बिहार में ‘इंडिया’ गठबंधन के स्वरूप को ‘महागठबंधन’ के नाम से जाना जाता है, जिसमें राष्ट्रीय जनता दल (राजद) सबसे बड़ा दल है. उसके अलावा कांग्रेस, वाम दल और विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) भी महागठबंधन में शामिल हैं. राज्य में इस साल अक्टूबर-नवंबर में विधानसभा चुनाव संभावित है.
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को पार्टी की बिहार इकाई के नेताओं के साथ बैठक की, जिसमें संगठन और विधानसभा चुनाव की रणनीति पर चर्चा की गई.
पार्टी मुख्यालय ‘इंदिरा भवन’ में हुई इस बैठक में कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, बिहार प्रभारी कृष्णा अल्लावरू, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजेश कुमार, पूर्व अध्यक्ष अखिलेश प्रसाद सिंह, वरिष्ठ नेता मीरा कुमार और तारिक अनवर तथा कई अन्य नेता शामिल हुए. हाल ही में राजेश कुमार को पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है. उन्होंने अखिलेश प्रसाद सिंह का स्थान लिया है. खरगे ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया कि बिहार में बदलाव की बयार बहने लगी है. बिहार की जनता विकास, सामाजिक न्याय और अपने भविष्य को लेकर चिंतित है. भर्ती परीक्षा में धांधली, पेपर लीक और बेरोजगारी से युवाओं में भयंकर नाराज़गी है.
उन्होंने कहा कि हम मौजूदा सरकार को हटाकर, बिहार में समावेशी विकास और सभी के अधिकारों को सुरक्षित करने वाली सरकार लाएंगे. कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि आज इंदिरा भवन, नयी दिल्ली में हमने बिहार के वरिष्ठ नेताओं से वार्ता कर, कांग्रेस पार्टी को मज़बूत बनाने और आगामी चुनाव की तैयारियों के बारे में विस्तार से चर्चा की.
राहुल गांधी ने अपने व्हाट्सएप चैनल पर पोस्ट कर कहा कि बिहार में सामाजिक सद्भाव, समानता और लोगों की प्रगति के लिए कांग्रेस समर्पित है तथा राज्य परिवर्तन और न्याय का दौर लाने के लिए तैयार है. बैठक के बाद पार्टी के राज्य प्रभारी अल्लावरू ने संवाददाताओं से कहा कि बिहार में आने वाले दिनों में कांग्रेस की क्या रणनीति रहेगी, इस बारे में नेताओं ने अपनी राय रखी. सर्वसम्मति से यह तय हुआ कि हम सब मिलकर बिहार में भाजपा और उनके सहयोगी दलों का मुकाबला करेंगे.
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजेश कुमार ने कहा कि हमारी चुनौती भाजपा है. भाजपा को सत्ता से किस तरह से बाहर करें, इस रणनीति पर बात की गई. संगठन को सशक्त बनाना है और इस बारे में भी सबके विचार आ गए हैं…बेरोजगारी और पलायन के मुद्दे को लेकर बात हुई.
उन्होंने कहा कि हमारी तरफ से कोई असमंजस नहीं है. मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि ‘इंडिया’ गठबंधन का जो स्वरूप है, उसे आगे बढ़ाएंगे और उसी स्वरूप में कायम रहेंगे. आने वाले समय में सांप्रदायिक ताकतों को रोकने के लिए हमें कदम से कदम मिलाकर चलना पड़ेगा.
सीट बंटवारे से जुड़े सवाल पर कुमार ने कहा कि यह समयपूर्व बात है. यह पूछे जाने पर कि क्या तेजस्वी यादव महागठबंधन की तरफ से मुख्यमंत्री पद के लिये उम्मीदवार होंगे, तो अल्लावरू ने कहा कि इंडिया गठबंधन जब बैठेगा, तो सीट बंटवारे के बारे में चर्चा होगी. मुख्यमंत्री कौन होगा और कौन नहीं होगा, घोषित करना है या नहीं करना है, यह सामूहिक फैसला होगा. फिलहाल इस पर कोई टिप्पणी करना उचित नहीं है.
आगे इससे जुड़े एक अन्य सवाल पर उन्होंने कहा कि सहयोगी दल बैठकर चर्चा करेंगे और सामूहिक फैसले लेंगे, तो आप लोगों को सूचित किया जाएगा.
