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ट्रेन एक्सीडेंट की साजिश : पटरी से निकाली गईं 100 से अधिक पेंड्रोल क्लिप, कीमैन की सूझबूझ से टला हादसा

चक्रधरपुर. चक्रधरपुर रेल मंडल में सोमवार को एक बड़ा हादसा टल गया. रेल मंडल के रेल पटरियों से छेड़छाड़ कर अज्ञात लोगों ने बड़े रेल हादसे की साजिश रची थी, लेकिन रेल मंडल के कीमैन ने इस बड़ी घटना को अपनी सूझबूझ से टाल दिया.

चक्रधरपुर रेल मंडल के मनोहरपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत घाघरा गांव के पास हावड़ा-मुंबई मुख्य रेल मार्ग की थर्ड लाइन पर ड्यूटी कर रहे की मैन का उस समय होश उड़ गया, जब उसने देखा कि तक़रीबन दो किलोमीटर तक रेल पटरी का पेंड्रोल क्लिप, जिसे रेल लाइन की चाबी भी कहा जाता है, वह खुला हुआ है.

कुछ दूर जाकर उसने देखा तो पेंड्रोल क्लिप खोलकर एक साथ एक जगह फेंका हुआ मिला. घाघरा से गोईलकेरा की ओर जाने वाली थर्ड रेल लाइन लगभग 1.75 किलोमीटर की दूरी तक रेल पटरी से करीब 100 से अधिक पेंड्रोल क्लिप को खोल दिया गया था.

घटना किलोमीटर पोल नंबर 364/1A से 366/11ए के बीच हुई. कीमैन को यहां समझते देर नहीं लगी कि पेंड्रोल क्लिप के इतने बड़े पैमाने में खुले होने से बड़ा रेल हादसा हो सकता है. उसने तुरंत इसकी सूचना पोसैता स्टेशन मास्टर को दी. इसके बाद यह सुचना मंडल मुख्यालय पहुंचते ही हड़कम्प मच गया.

जिसके बाद तुरंत गोइलकेरा और मनोहरपुर के बीच सुबह 11:23 बजे थर्ड रेल लाइन पर ट्रेनों का परिचालन रोकना पड़ा. इसके बाद आरपीएफ, मनोहरपुर थाना पुलिस और रेलवे के संबंधित अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया.

जांच में पाया गया कि खोले गए पेंड्रोल क्लिपों को पोल संख्या 366/5ए के पास इकठ्ठा कर फेंक दिया गया है. रेलवे टीम द्वारा तत्परता से मरम्मत कार्य किया गया और कुछ घंटों बाद थर्ड लाइन पर यातायात बहाल कर दिया गया.

जांच में जुटा रेल प्रशासन
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इतनी लंबी दूरी तक पेंड्रोल क्लिप के हटाए जाने से रेल हादसे की गंभीर आशंका बनी रहती है. फिलहाल इस घटना की जांच की जा रही है और जिम्मेदारों की तलाश की जा रही है. बता दें कि यह इलाका घोर नक्सल प्रभावित क्षेत्र सारंडा का जंगली इलाका है.

रविवार को सारंडा के ही करमपदा में नक्सलियों ने अपनी बंदी के दौरान बम विस्फोट कर रेल पटरी भी उड़ाई थी और एक विस्फोट में एक रेलकर्मी की मौत हो गयी थी, जबकि दूसरा घायल हो गया था. अब रेल पटरी से पेंड्रोल क्लिप खुलने की घटना को भी नक्सली साजिश के रूप में देखा जा रहा है. लेकिन फिलहाल आरपीएफ और जिला पुलिस के द्वारा मामले की जांच की जा रही है.

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