


New Delhi. पश्चिमी विक्षोभ और पूर्वी हवाओं के प्रभाव से देश के विभिन्न हिस्सों में बारिश, ओलावृष्टि और ठंड की स्थिति बनी हुई है. भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, आनेवाले दिनों में यह प्रभाव और भी तेज होने की संभावना है, जिससे तापमान में गिरावट व और अधिक ठंड पड़ने का अनुमान है. दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बारिश की संभावना जतायी गयी है. उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश के उत्तरी हिस्से, ओडिशा, तटीय आंध्र पद्रेश, तटीय तमिलनाडु, तेलंगाना के कुछ हिस्सों में भी बारिश का अनुमान है.
इधर, राजस्थान और पंजाब में हुई बारिश के बाद तापमान में गिरावट आयी है और पूरा प्रदेश शीतलहर की चपेट में है. ठिठुरन बढ़ने के साथ बुधवार सुबह काफी देर तक कोहरा छाया रहा. पंजाब में अगले तीन दिन तक शीतलहर चलने व घनी धुंध पड़ने को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है. इस दौरान कई जिलों में हल्की वर्षा भी हो सकती है. इससे ठंड भी बढ़ सकती है. पठानकोट का न्यूनतम तापमान 4.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया.
राजस्थान में साइक्लोनिक सर्कुलेशन बनने की उम्मीद
मौसम विभाग ने गुरुवार की रात से उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करने वाले एक तीव्र पश्चिमी विक्षोभ की चेतावनी दी है. शुक्रवार को दक्षिण-पश्चिम राजस्थान में एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन बनने की उम्मीद है, जो पूर्वी हवाओं के साथ मिलकर 28 दिसंबर तक अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से उच्च नमी लायेगा और उत्तर-पश्चिम समेत मध्य भारत में बारिश की स्थिति बन सकती है.
बंगाल की खाड़ी पर निम्न दबाव, ओडिशा में बारिश
बंगाल की खाड़ी के ऊपर निम्न दबाव का क्षेत्र बना हुआ है. इससे ओडिशा समेत दक्षिण के राज्यों में गरज के साथ बारिश हो रही है. हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, पश्चिम उत्तर प्रदेश और राजस्थान के कुछ हिस्सों में तेज हवाओं के साथ ओला गिरने का भी अलर्ट जारी किया गया है. मछुआरों और तटीय निवासियों को सावधानी बरतने की सलाह दी गयी है.



