
Jharkhand: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन एवं नगर विकास विभाग के मंत्री सुदिव्य कुमार के कार्यकाल में कई ऐसे सराहनीय कार्य किए जा रहे हैं,जो झारखंड के लिए लैंडमार्क साबित हो रहा है.
वहीं दूसरी ओर नगर विकास विभाग,आदित्यपुर में इन दिनों कानून का नहीं बल्कि किसी खास व्यक्ति विशेष का राज चलने की सूचना है. जिससे झारखंड सरकार की छवि एवं झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन तथा नगर विकास विभाग के मंत्री सुदिव्य कुमार की लोकप्रियता के साथ-साथ सरकारी राजस्व का भी नुकसान हो रहा है.
सूत्र बताते हैं कि आदित्यपुर नगर निगम के अपर नगर आयुक्त रवि प्रकाश के कार्यकाल की जांच होने पर कई ऐसे मामले सामने आ सकते हैं, जिसमें सरकारी राजस्व की हानि हुई है.
सूत्र बताते हैं कि इनके द्वारा कई अवैध भवन निर्माता को बुलाकर झारखंड नगर पालिका एक्ट एवं अपार्टमेंट एक्ट के तहत एक से दस लाख रुपए तक जुर्माना लगाने का मौखिक बात बताई जाती है एवं भय पैदा किया जाता है, पर अंतत: अधिकांश मामले में ना तो जुर्माना लगाया जाता है और ना ही विधि सम्मत कानूनी कार्रवाई की जाती है. ऐसे में कुछ अवैध भवन निर्माता उनके अनुसार समझौता कर अवैध निर्माण को पूरा करने में भलाई समझते हैं. जिसके फलस्वरुप ही संभवत: आदित्यपुर नगर निगम में लिखित शिकायत देने के बाद भी अवैध निर्माण आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र में फल फूल रहे हैं.
उनके राजनीतिक पकड़ के दावे में कितनी सत्यता है, इसका आकलन इस बात से किया जाता है कि इनके द्वारा बड़े-बड़े भवन निर्माण कंपनी के विरुद्ध विधि सम्मत कार्रवाई करते हुए जुर्माना तो लगाया जाता है पर अंततः किस लाचारी अथवा मजबूरी में उपरोक्त जुर्माना राशि को सरकारी खजाना में जमा करने के बजाय उसे माफ कर दिया जाता है.
सत्ता के गलियारे में पकड़ का दावा करने वाले एक व्यक्ति का कहना है कि सरकारी राजस्व की क्षति पहुंचाने के मामले में आदित्यपुर नगर निगम के अपर नगर आयुक्त रवि प्रकाश पर अगर कोई जांच बैठाई जाए तो कई ऐसे मामले सामने आएंगे जिनमें उनके द्वारा निजी स्वार्थ वश अथवा प्रभावित होने के मामले सामने आ सकते हैं.
आदित्यपुर नगर निगम के एक भवन निर्माण कंपनी का ₹600000 जुर्माना विलोपित करने के मामले में स्थानीय लोगों का कहना है की अवैध ढंग से जुर्माना की राशि को माफ कर आदित्यपुर नगर निगम के अधिकारी द्वारा निजी स्वार्थ सिद्ध किया गया है, हालांकि अंडर टेबल सेटलमेंट का कोई प्रमाण अब तक लहर चक्र संवाददाता को नहीं मिल पाया है.
झारखंड सरकार एवं नगर विकास विभाग इस बिंदु पर यह जांच करें की किस परिस्थिति में भवन निर्माण कंपनी पर लगाया गया 6 लाख का जुर्माना को माफ किया गया है,क्या उपरोक्त 6 लाख का जुर्माना को माफ करने का विधि समस्त प्रक्रिया का अनुपालन किया गया है अथवा आदित्यपुर नगर निगम के अपर नगर आयुक्त रवि प्रकाश द्वारा विधि संवत प्रावधान का बिना अनुपालन किए उक्त 6 लाख रूपए का जुर्माना की राशि को माफ कर दिया गया है.
अब देखना है कि झारखंड सरकार के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन एवं झारखंड नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार सरकारी राजस्व की चपत लगाने वाले आदित्यपुर नगर निगम के अपर नगर आयुक्त रवि प्रकाश पर कानूनी कार्रवाई करते हैं अथवा मामले को यूं ही ठंडाबस्ता में डाल देंगे.
कुमार मनीष,9852225588
