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Cyber Froud: किराए के मकान, भाड़े पर बैंक खाता, सैलरी पर जालसाज, बिहार से झारखंड में चला रहा था साइबर ठगी का धंधा, अपना ही निकला भेदिया, कर दिया भंडाफोड़

Ranchi. रांची के बरियातू थाना और एसएसपी की स्पेशल टीम ने रांची के बरियातू इलाके में छापेमारी कर 14 जालसाजों को गिरफ्तार किया है. यह गिरोह क्रिकेट में सट्टेबाजी से लेकर कई तरह के ऑनलाइन गेमिंग में शामिल था. जिसके द्वारा लोगों से ठगी की जाती थी. रांची एसएसपी चंदन कुमार सिन्हा ने बताया कि गुप्त सूचना मिली थी कि बरियातू थाना क्षेत्र के हाउसिंग कॉलोनी के रोड नंबर 2 में कुछ संदिग्ध लोग रुके हुए हैं. जिनका आचरण भी संदिग्ध है. सूचना की पुष्टि होने के बाद डीएसपी सदर के नेतृत्व में बरियातू थानेदार और उनकी टीम ने हाउसिंग कॉलोनी स्थित मकान में छापेमारी की,

जहां मौके से एक साथ 14 जालसाज पकड़े गए. एसएसपी चंदन कुमार सिन्हा ने बताया कि गिरफ्तार सभी अपराधी ऑनलाइन तरीके से होने वाले कई जालसाजी के अपराध में शामिल थे. गिरफ्तार सभी अपराधी साइबर अपराधियों को सपोर्ट सिस्टम भी उपलब्ध करवाते थे. साइबर अपराधियों को ठगी के लिए फोन नंबर अकाउंट नंबर सहित पैसे निकालने के लिए एटीएम तक की व्यवस्था यह गिरोह करवाता था.

सैलरी पर रखे थे ठगी के लिए, सरगना बिहार का
गिरफ्तार अपराधियों से पूछताछ में पुलिस को कई अहम जानकारी मिली है. जिसमें बताया गया है कि बेरोजगार युवकों को 15 से 20 हजार रुपया प्रत्येक महीने देने की बात पर काम पर रखा जाता था. युवाओं से ऑनलाइन जुआ के साथ-साथ साइबर ठगी की घटनाओं को अंजाम दिलवाया जाता था.

अपराधियों के द्वारा एटीएम को रेंट में लेकर साइबर अपराध के पैसे को ट्रांसफर करने का काम भी किया जाता था. मास्टरमाइंड बिहार में बैठ कर इस गिरोह का संचालन कर रहा था. रांची पुलिस का दावा है कि जल्द ही मास्टरमाइंड को भी गिरफ्तार किया जाएगा.

90 एटीएम की जांच
एसएसपी चंदन कुमार सिन्हा ने बताया कि गिरफ्तार अपराधियों के पास से 90 एटीएम कार्ड बरामद किए गए हैं. जिसके बारे में यह जानकारी मिल रही है कि किराए पर एटीएम अपराधियों के द्वारा लिया गया था. जिससे अवैध निकासी का काम किया जाता था. एसएसपी ने कहा कि हर एटीएम की जांच की जा रही है. साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि लोगों से एटीएम ठगी कर ली गई थी या फिर एटीएमधारी भी उस अपराध में शामिल थे.

सभी बिहार के अपराधी
जिन 14 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है, वे सभी बिहार के रहने वाले हैं. पिछले डेढ़ महीने से सभी आरोपी बरियातू इलाके में किराए का मकान लेकर ठगी का धंधा चला रहे थे. गिरफ्तार अपराधियों में केशव कुमार बिहार के छपरा, आलोक बलजीत, सुमित शिवहर, दिलीप कुमार, पंकज कुमार और विवेक कुमार सहरसा, लव कुमार, नीतिश कुमार, साजन कुमार और अंजन कुमार पूर्णिया, सुबोध कुमार और अरुण यादव सुपौल और रोशन कुमार मुजफ्फरपुर का रहने वाला है.

एक युवक को घर जाने नहीं दिया तो उसने पुलिस को दे दी पूरी जानकारी
सरगना सुनील विभिन्न माध्यमों से लगातार गिरोह के सदस्यों से संपर्क करता था। कुछ दिनों पहले एक सदस्य ने काम छोड़कर अपनी पत्नी के पास जाने की इच्छा जताई. हालांकि सरगना ने उसे जाने का आदेश नहीं दिया. जबरन घर में रख कर काम करने को कहा. सरगना ने गिरोह में शामिल अन्य सदस्यों को भी उसकी गतिविधि पर नजर रखने की ड्यूटी लगा दी. ऐसे में वह बहुत परेशान हो गया और सभी को पुलिस से पकड़वाने का मन बना लिया. उसने किसी माध्यम से पुलिस तक जानका भिजवा दी. इसके बाद पुलिस की टीम ने छापेमारी की. पुलिस को देखते ही सभी सदस्य इधर-उधर भागने लगे, लेकिन सभी को गिरफ्तार कर लिया गया.

भाड़े पर बैंक खाता, करंट अकाउंट के लिए ₹50 हजार देता था
गिरफ्तार साइबर फ्रॉड केशव कुमार ही रांची में पूरी टीम को लीड कर रहा था. प्रत्येक दिन वह सरगना को पूरा हिसाब देता था आऔर ठगी में मिली राशि उसके अकाउंट में ट्रांसफर कर देता था. केशव ने पुलिस पूछताछ में बताया है कि ठगी में इस्तेमाल किए जाने वाले सभी खाते एक महीने के लिए भाड़े पर लिए जाते हैं. इसके लिए खाता धारक को पैसा दिया जाता था.

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