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Deepak Birua: सरकार व्यावसायिक उपयोग में लायी जा रही भूमि पर लगायेगी टैक्स, सदन में बोले मंत्री दीपक बिरुआ, सड़क सुरक्षा को लेकर भी कही बड़ी बात

Ranchi. झारखंड के राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री दीपक बिरुआ ने मंगलवार को विधानसभा में कहा कि राज्य सरकार व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए उपयोग में लायी जा रही भूमि पर वाणिज्यिक कर लगाने पर विचार कर रही है. सदन में अपने विभागों की अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान बिरुआ ने कहा कि कई जमीनों का इस्तेमाल व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए किया जा रहा है और सरकार निकट भविष्य में ऐसी संपत्तियों पर वाणिज्यिक कर लगाने पर विचार कर रही है. स्थिति का मूल्यांकन करने और तद्नुसार रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए एक समिति गठित की गई है. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सरकार की पहल का उद्देश्य भूमि संबंधी मामलों में पारदर्शिता बढ़ाना है, जिसका राज्य की कानून और व्यवस्था की स्थिति पर महत्वपूर्ण प्रभाव होगा.

परिवहन विभाग का भी प्रभार संभाल रहे बिरुआ ने कहा कि सरकार जागरूकता बढ़ाने और सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए स्कूली पाठ्यक्रम में सड़क सुरक्षा को एक विषय के रूप में शामिल करने की योजना बना रही है. सड़क दुर्घटनाओं में वृद्धि के मुद्दे पर मंत्री ने कहा कि सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है. हमने राज्य के 15 जिलों में ‘ब्रीथ एनालाइजर’ वितरित किए हैं और अभियान के दौरान कई लोग शराब के नशे में वाहन चलाते पकड़े गए हैं. सड़क सुरक्षा के संबंध में बिरुआ ने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री से सरकारी स्कूलों में सड़क सुरक्षा को पाठ्यक्रम में शामिल करने का अनुरोध किया है.

उन्होंने कहा कि बच्चों को सड़क सुरक्षा के बारे में शिक्षित करके, हम जागरूकता पैदा करने और अंततः सड़क दुर्घटनाओं को कम करने की उम्मीद करते हैं. चर्चा के दौरान भाजपा विधायकों ने यह आरोप लगाते हुए सदन से बर्हिगमन किया कि विधानसभा में उन्हें बोलने का मौका नहीं दिया जा रहा है. भाजपा नेता सत्येंद्र नाथ तिवारी ने सड़क निर्माण विभाग में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए, जिसका सत्तारूढ़ दल के सदस्यों ने विरोध किया.

जवाब में संसदीय कार्य मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने कहा कि किसी भी विभाग में मुद्दे हो सकते हैं, लेकिन बिना ठोस सबूत के आरोप नहीं लगाए जाने चाहिए. विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी ने कहा कि यह सर्वविदित है कि सड़क निर्माण विभाग में अनियमितताएं हैं. विधानसभा अध्यक्ष ने सदस्यों से चर्चा जारी रखने का आग्रह करके व्यवस्था बहाल करने का प्रयास किया, लेकिन भाजपा सदस्यों ने सदन से बर्हिगमन किया. बाद में भूमि, राजस्व, परिवहन और खनन विभाग की अनुदान मांगों को ध्वनिमत से विधानसभा में पारित किए जाने के बाद अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही 18 मार्च को सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी.

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