
New Delhi.दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी ने विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी (आप) की करारी हार के एक दिन बाद रविवार को उपराज्यपाल वी के सक्सेना को अपना इस्तीफा सौंप दिया. अधिकारियों ने बताया कि आतिशी ने राज निवास में सक्सेना को अपना इस्तीफा सौंपा. पार्टी को भले ही करारी हार का सामना करना पड़ा हो लेकिन आतिशी अपनी कालकाजी सीट बचाने में सफल रहीं.
भारतीय जनता पार्टी दिल्ली में 48 सीट जीतकर 27 साल बाद सत्ता में लौटी है. वहीं आम आदमी पार्टी को 22 सीट पर जीत मिली, कांग्रेस इस चुनाव में एक भी सीट नहीं जीत पाई. भाजपा के नेताओं के अनुसार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के अगले सप्ताह विदेश दौरे से लौटने के बाद भाजपा सरकार बनाने का दावा पेश कर सकती है. अरविंद केजरीवाल ने पिछले साल सितंबर में भ्रष्टाचार के आरोपों के कारण पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद आतिशी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी.
26 साल से अधिक समय के बाद भाजपा सत्ता में लौटी
दिल्ली विधानसभा चुनाव में शानदार जीत हासिल करने के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में मुख्यमंत्री पद के चेहरे को लेकर शनिवार को चर्चा तेज हो गई. पार्टी ने 26 साल से अधिक समय के बाद दिल्ली की सत्ता में वापसी करते हुए 70 सदस्यीय विधानसभा में 48 सीट जीती हैं. प्रवेश वर्मा की राजनीतिक लोकप्रियता नई दिल्ली सीट से आम आदमी पार्टी (आप) उम्मीदवार अरविंद केजरीवाल पर 4,089 मतों से मिली शानदार जीत के साथ ही आसमान छूने लगी है, जिससे वह भाजपा की आगामी सरकार में शीर्ष पद के संभावित दावेदार बन गए हैं.
पार्टी नेताओं ने बताया कि भाजपा की ओर से चुनाव जीतने वालों में कई अनुभवी वरिष्ठ नेता भी शामिल हैं जो मुख्यमंत्री पद की दौड़ में शामिल हैं. दिल्ली में भाजपा के एक शीर्ष पदाधिकारी ने बताया, ‘‘इनमें आशीष सूद और पूर्व राज्य महासचिव (संगठन) पवन शर्मा शामिल हैं. भाजपा नेताओं ने इस संभावना से भी इनकार नहीं किया कि पार्टी का राष्ट्रीय नेतृत्व दिल्ली के मुख्यमंत्री पद के लिए किसी महिला उम्मीदवार पर दांव लगा सकता है. उन्होंने कहा कि इस मामले में रेखा गुप्ता और शिखा राय दो वरिष्ठ नेता हैं जिन पर विचार किया जा सकता है.
