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Dengu vaccine approval: डेंगू के अपने पहले टीके ‘क्यूडेंगा’ को सरकार ने दी मंजूरी, WHO के अलावा 42 देश दे चुके हैं मंजूरी, 4 से 60 वर्ष की आयु के लोगों को लगेगा यह टीका

New Delhi. सरकार ने कहा कि टाकेडा बायोफार्मास्यूटिकल्स इंडिया के डेंगू के टीके ‘क्यूडेंगा’ को उसकी गुणवत्ता, सुरक्षा और प्रभावशीलता का व्यापक वैज्ञानिक मूल्यांकन पूरा होने के बाद उपयोग में लाने की अनुमति दे दी गई है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि देश में डेंगू की रोकथाम के लिए मंजूरी पाने वाला यह पहला टीका है। टाकेडा बायोफार्मास्यूटिकल्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने सोमवार को कहा कि उसे अपने डेंगू रोधी टीके के लिए औषधि नियामक से विपणन की मंजूरी मिल गई है।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) ने टाकेडा जीएमबीएच, जर्मनी द्वारा निर्मित और एम/एस टाकेडा बायोफार्मास्यूटिकल्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड द्वारा आयात की जाने वाली डेंगू टेट्रावैलेंट टीके के विपणन की मंजूरी दे दी है।
मंत्रालय ने कहा कि यह मंजूरी औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 और औषधि नियम, 1945 के प्रावधानों के तहत टीके की गुणवत्ता, सुरक्षा और प्रभावशीलता के व्यापक वैज्ञानिक मूल्यांकन के बाद दी गई है।

यह टीका चार से 60 वर्ष की आयु के लोगों में डेंगू बीमारी की रोकथाम के लिए उपयोग के लिए स्वीकृत है। इसके लिए अनुशंसित टीकाकरण कार्यक्रम में 0.5 मिलीलीटर की दो खुराक शामिल हैं, जिन्हें तीन महीने के अंतराल पर दिया जाता है।

बयान के अनुसार, इस मंजूरी का आधार व्यापक वैश्विक क्लिनिकल विकास कार्यक्रम से प्राप्त साक्ष्य हैं, जिनमें डेंगू-प्रभावित और गैर-प्रभावित, दोनों क्षेत्रों में इस टीके की सुरक्षा, प्रतिरक्षाजनक क्षमता और प्रभावशीलता का मूल्यांकन किया गया।

बयान में कहा गया कि क्लिनिकल अध्ययन ब्राजील, थाईलैंड और श्रीलंका समेत आठ से अधिक देशों के प्रतिभागियों पर किए गए। बयान में कहा गया कि मूल्यांकन में भारत की आबादी पर किया गया एक महत्वपूर्ण तीसरे चरण का अध्ययन भी शामिल था, जिसमें 4 से 60 वर्ष आयु वर्ग के लोगों में इस टीके की सुरक्षा और प्रतिरक्षाजनक क्षमता का आकलन किया गया।

बयान में कहा गया कि इस टीके को यूरोपीय संघ, ब्रिटेन, स्विट्जरलैंड, इंडोनेशिया, मलेशिया और थाईलैंड समेत 42 देशों में पहले ही नियामक मंजूरी मिल चुकी है। इसे विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) से भी मंजूरी मिल गई है।

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