
देवघऱ।
आगामी श्रावणी मेला 2025 के दौरान बाबा बैद्यनाथ धाम में आम श्रद्धालुओं के लिए जलग्रहण (जलार्पण) को सहज और सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से झारखंड सरकार ने फिर से वीआईपी, वीवीआईपी और आउट ऑफ टर्न दर्शन पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है।
जिला दंडाधिकारी एवं उपायुक्त विशाल सागर ने बताया कि यह निर्णय राज्य सरकार के निर्देशानुसार लिया गया है ताकि सभी श्रद्धालुओं को समान अवसर मिल सके और उनका आध्यात्मिक अनुभव बेहतर हो सके। हिन्दू संस्कृति में श्रद्धालुओं को देव तुल्य माना जाता है, इसलिए उनकी सुविधा सर्वोपरि है।
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हर वर्ष श्रावण माह में देश भर से लाखों की संख्या में भक्त बाबा बैद्यनाथ मंदिर में शिवलिंग पर पवित्र जल अर्पित करने आते हैं। भीड़ नियंत्रण एवं किसी विशेष वर्ग को अनुचित लाभ से रोकने के लिए वीआईपी, वीवीआईपी और प्राथमिकता दर्शन की सुविधा पूरी तरह से समाप्त कर दी गई है।
जिला प्रशासन ने कहा है कि वह श्रद्धालुओं की सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कड़े इंतजाम कर रहा है। सुरक्षा, स्वच्छता, चिकित्सा सुविधा एवं दर्शन व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए विशेष कदम उठाए जा रहे हैं।
यह फैसला श्रद्धालुओं और धार्मिक संगठनों द्वारा भी सराहा जा रहा है क्योंकि इससे धार्मिक आयोजन की गरिमा और समानता बनी रहती है।
