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विधि व्यवस्था डीजीपी गंभीर, कई लापरवाह अधिकारियों पर गिरी गाज, कई निशाने पर !

राज्य पुलिस महानिदेशक एमवी राव के कड़े रुख से पुलिस पदाधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है । बरसों से लगी पुलिसिया जंग को छुड़ाने के लिए डीजीपी एमवी राव के कड़े तेवर से पुलिस पदाधिकारी सकते में है। कई पदाधिकारियों पर गाज गिर चुकी है और कई पर गिरने वाली है, गड़बड़ी करने वाले कई निशाने पर है। सबसे खराब स्थिति राज्य के पूर्व तीन मुख्यमंत्रियों वाले क्षेत्र जमशेदपुर को लेकर सामने आयी है. यह जिला अपराधियों के गिरफ्त में होता जा रहा है। आए दिन कोल्हान प्रमंडल क्षेत्र को लेकर राजनीति प्रशासनिक गलियारों में माथा पच्ची हो रही है। पूर्व मुख्यमंत्रियों (श्री रघुवर दास, श्री अर्जुन मुंडा, श्री मधु कोड़ा)  के कोल्हान प्रमंडलीय क्षेत्र में अपराध सर चढ़कर बोलने लगा है।

आए दिन हत्या, बलात्कार ,अपराधिक घटनाएं दिनदहाड़े खुलेआम हो रही है ।हालांकि प्रशासनिक अधिकारी भी अंकुश लगाने उद्भेदन करने में जी-जान से लगे हैं और सफलता भी हासिल होती है। मगर जिस अनुपात में  अपराधिक घटनाओं में बेतहाशा वृद्धि हो रही है उसकी अपेक्षा सफलता की रफ्तार अच्छी नहीं कही जायेगी. जिससे बुद्धिजीवी एवं व्यापारी वर्ग काफी चिंतित है। जिसको लेकर राज्य के पुलिस महानिदेशक द्वारा कड़े रुख अख्तियार करते हुए भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश जारी कर दिया गया है।

इसी कड़ी में रांची के पिठौरिया थाना क्षेत्र के ओयना गांव में नकली विदेशी शराब की तस्करी मामले में रांची के तीन थानेदारों पर गाज गिरने की खबर है ।रांची एसएसपी सुरेंद्र कुमार झा ने तीन थानेदारों को शो खोज किया है ओरमांझी इंस्पेक्टर श्याम किशोर महतो, बीआईटी ओपी प्रभारी वीरेंद्र कुमार और पिठौरिया थानेदार को जल्द से जल्द जवाब देने का निर्देश दिया गया है l इन सभी पर अवैध कारोबारियों के साथ मिलीभगत होने का आरोप है। इससे पहले भी कई थाना प्रभारियों पर अपने कर्तव्य में लापरवाही बरतने के कारण गाज गिर चुकी है। जिसमें जमशेदपुर के बिष्टुपुर के थाना प्रभारी राजेश प्रकाश सिन्हा का भी नाम शामिल है।

वही सरायकेला-खरसावां जिला के दो पदाधिकारी भी निशाने पर हैं। बरहेट थाना प्रभारी हरीश पाठक पर भी गाज गिरी है। जिसका वीडियो एक लड़की को थाना में पीटते हुए वायरल हुआ था। लालपुर के इंस्पेक्टर रंजीत कुमार मुंडा  को भी लापरवाही बरतने के मामले में निलंबित कर दिया गया। आज के बदलती फिजा में विधि व्यवस्था को लेकर जिस तरह डीजीपी कड़े रुख में नजर आ रहे हैं । अब यह कहना मुश्किल है कि कब किस  लापरवाह पदाधिकारी पर गाज   गिर जाएगी ?  डीजीपी के रूख से यह बात साफ हो गया है कि अब भ्रष्ट अधिकारियों की खैर नहीं है। लापरवाह पदाधिकारी अब अपने सुधर जाएंगे, नहीं तो अब नप जाएंगे।

डीजीपी के कड़े रुख और लगे पुलिसिया जंग में सुधार के प्रति सख्ती को देखते हुए भ्रष्ट पदाधिकारी अपने आप को बदलने पर मजबूर हो गए जाएंगे । यह तो आने वाला अब वक्त ही बताएगा, कि डीजीपी श्री एम वी राव के इस रूख से राज्य के फिजाएं ,अधिकारी और विधि व्यवस्था कितने बदलते नजर आती है ,और इसका क्या असर पड़ता है। यह आने वाला वक्त ही बताएगा

ए के मिश्रा

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