
New Delhi. शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया है। नीत पेपर लीक के लिए उन्हें दोषी बताकर जंतर-मंतर पर 36 दिन से धरना प्रदर्शन चल रहा था। आंदोलनकारियों का कहना था कि धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे से कम में वह नहीं मानेंगे। धर्मेन्द्र प्रधान ने खुद अपने पोस्ट में लेटर जारी करके अपने इस्तीफे की जानकारी दी। उन्होंने एक्स पर लिखा, “जंतर-मंतर पर और देश में जो स्थिति बनी है, इस स्थिति का राष्ट्र विरोधी ताकतें लाभ ना उठाएं, देश की एकता बनी रहे। भारत के एक भी विद्यार्थी का भविष्य कानूनी पेचीदगियों में ना उलझे, हमारे बच्चे अपना समय पढ़ाई में लगाएं, करियर बनाने पर फोकस करें, इसी बात पर विचार करते हुए मैंने अपना त्यागपत्र माननीय प्रधानमंत्री जी को भेज दिया है।
प्रधान ने कहा कि इस दौरान सरकार की प्राथमिकता 20 लाख से अधिक छात्रों की परीक्षा सुचारू रूप से कराना थी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार, राज्य सरकारों और जिला प्रशासन के सहयोग से 21 जून 2026 को परीक्षा सफलतापूर्वक आयोजित की गई। उन्होंने लिखा, ‘पहले ही दिन से मैंने जिम्मेदारी ली और इस परिस्थिति से कभी मुंह नहीं मोड़ा। मेरा संकल्प था कि किसी भी मेधावी छात्र का भविष्य परीक्षा माफिया के कारण खराब न हो और किसी भी छात्र के साथ अन्याय न हो।’