बेंगलुरु. बेंगलुरु के सेंट्रल आफ एक्सीलेंस ग्राउंड में गुरुवार से शुरू हुई दलीप ट्रॉफी में देश के कई प्रमुख क्रिकेटर खेल रहे हैं. घरेलू क्रिकेट में महत्वपूर्ण ट्रॉफी में से एक है दिलीप ट्रॉफी. एक प्रकार का जोनल टूर्नामेंट होता है जिसमें सभी जोन के बेहतरीन खिलाड़ियों को मौका दिया जाता है. ये टूर्नामेंट नॉकआउट राउंड में खेला जाता है. सबसे ज्यादा बार इस ट्रॉफी को जीतने का रिकॉर्ड वेस्ट जोन और नार्थ जोन के नाम पर है. जिन्होंने, 19 बार ये ख़िताब जीता है. इस बार के मैच में जमशेदपुर के गेंजबाज मनीषी का जलवा सिर चढ़कर बोल रहा है. जमशेदपुर के मनीषी अब तक छह विकेट लेकर टॉप पर चल रहे हैं.

मनीषी का यह स्कोर दिग्गज बॉलरों पर भी भारी पड़ा है. जहां अब तक के मैच में मो सामी ने 23 ओवर में 100 रन देकर एक विकेट लिया है वहीं सूरज सिंदू ने 15 ओवर में 44 रन देकर दो विकेट लिया.
स्कोर कार्ड
टूर्नामेंट में अब तक सबसे ज्यादा विकेट लेने के मामले में टॉप पर रहे हैं ये गेंदबाज
घरेलू क्रिकेट के दिग्गज गेंदबाजों में शुमार नरेंद्र हिरवानी दिलीप ट्रॉफी में विकेट लेने के मामले में पहले नंबर पर आते है. उन्होंने बंगाल और मध्यप्रदेश के लिए रणजी ट्रॉफी में दमदार प्रदर्शन तो किया है है और इसके साथ इस टूर्नामेंट में सेंट्रल जोन की तरफ से खेलते वो अपनी टीम को बहुत से मैच जिताने में अहम भूमिका निभा चुके है. नरेंद्र ने दिलीप ट्रॉफी में खेले 29 मैचों में 34.12 की औसत और 68 के स्ट्राइक रेट से 126 विकेट लिए थे. इस दौरान उनके नाम 8 बार पांच विकेट हॉल लेने के रिकॉर्ड भी दर्ज है. इस फोर डे टूर्नामेंट में 129 रन देकर 7 विकेट लेना बेस्ट प्रदर्शन है.
महाराष्ट्र और असम के धाकड़ गेंदबाज साईराज बहुतुले ने भी दिलीप ट्रॉफी में कमाल का प्रदर्शन किया था. वो इस टूर्नामेंट में विकेट लेने के मामले में दूसरे नंबर पर आते है. उन्होंने वेस्ट जोन की तरफ से खेलते हुए अपनी टीम को बहुत से मैच जिताये थे. इस दिग्गज गेंदबाज ने खेले 30 मुकाबलों में 26.76 की औसत और 56.45 के स्ट्राइक रेट से 112 विकेट लिए थे. इस दौरान उन्होंने 4 बार पंजा भी खोला हुआ है. इस नॉकआउट टूर्नामेंट में 41 रन खर्च करके 6 विकेट लेना उनका बेस्ट प्रदर्शन है.
भारतीय टीम के दिग्गज स्पिन गेंदबाज बीएस चंद्रशेखर ने दिलीप ट्रॉफी में भी अपने नाम का परचम लहराया था. उन्होंने साउथ जोन की तरफ से खेलते हुए अपने स्पिन के जादू से बल्लेबाजों को चकमा दिया था. उन्होंने इस टूर्नामेंट में खेले 24 मुकाबलों में 24.30 की औसत और 51.73 के स्ट्राइक रेट से 99 विकेट लिए है. इस दौरान उन्होंने 7 बार फाइफर लिया है और उनका बेस्ट प्रदर्शन 80 रन देकर 8 विकेट है.
भारत के एक और दिग्गज स्पिन गेंदबाज वेंकटराघवन ने भी दिलीप ट्रॉफी में अपनी करिश्माई स्पिन गेंदबाजी से बल्लेबाजों को चारों खाने चित्त कर रखा था. चंद्रशेकर और राघवन की जोड़ी न सिर्फ भारत के लिए बल्कि साउथ जोन के लिए भी मिलकर बहुत से मैच जिताए है. उन्होंने इस फोर डे टूर्नामेंट में खेले 26 मुकाबलों में 23.66 की औसत और 64.86 के स्ट्राइक रेट से 95 विकेट लिए थे. इस दौरान उन्होंने 5 बार पांजा भी खोला हुआ था जबकि उनका सर्वश्रेस्ट प्रदर्शन 26 रन देकर 6 विकेट लेना था. इन तीनों की तिकड़ी की वजह से ही साउथ जोन इस टूर्नामेंट में कई बार ख़िताब जीतने में सफल हुई थी. ये तिकड़ी इतनी शानदार थी कि इसका तोड़ घरेलू क्रिकेट तो छोड़ो दुनिया के भी बड़े से बड़े बल्लेबाजों के पास नहीं था.
भारत के एक और स्पिन लेजेंड इरापल्ली प्रसन्ना दिलीप ट्रॉफी जैसे बड़े और महत्वपूर्ण टूर्नामेंट में विकेट चटकने के मामले में पांचवे नंबर पर आते है. वो भी भारत के साथ-साथ साउथ जोन के लिए उस तिकड़ी का हिस्सा थे जिसने अपनी टीम को न जाने कितने मैच जिताये थे. उन्होंने इस टूर्नामेंट में 24 मैचों में 22.36 की औसत और 57.38 की स्ट्राइक रेट से 83 विकेट लिए थे. इस दौरान वो 6 बार पांच विकेट लेने में सफल हुए थे और उनका सर्वेश्रेष्ठ प्रदर्शन 19 रन देकर 6 विकेट लेना था.