
Ranchi. एशिया के सबसे पुराने और प्रतिष्ठित फुटबॉल टूर्नामेंट डूरंड कप के 135वें संस्करण का आगाज रांची में ट्रॉफी शोकेस समारोह के साथ हो गया। दीपाटोली मिलिट्री स्टेशन स्थित केरकेट्टा ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में डूरंड कप, प्रेसिडेंट्स कप और शिमला ट्रॉफी का भव्य प्रदर्शन किया गया। समारोह में सेना के वरिष्ठ अधिकारी, खेल विभाग के प्रतिनिधि, फुटबॉल प्रेमी और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे। ट्रॉफियों के रांची पहुंचने के साथ ही शहर में फुटबॉल का माहौल पूरी तरह बन गया है। कार्यक्रम में पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य मंत्री सुदिव्य कुमार मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
इस वर्ष डूरंड कप के मैच देश के छह शहरों में आयोजित किए जाएंगे, जिसमें रांची प्रमुख केंद्रों में शामिल है। यहां बिरसा मुंडा फुटबॉल स्टेडियम में 26 जुलाई से 16 अगस्त तक मुकाबले खेले जाएंगे। देश के शीर्ष क्लबों के साथ सर्विसेज टीमों की भागीदारी से टूर्नामेंट और रोमांचक होने की उम्मीद है।
वर्ष 1888 में शिमला के अन्नाडेल मैदान से शुरू हुआ यह टूर्नामेंट आज भारतीय फुटबॉल की सबसे प्रतिष्ठित प्रतियोगिताओं में गिना जाता है। 2019 के बाद से इसका स्वरूप बहु-शहर टूर्नामेंट के रूप में विस्तारित हुआ है। रांची लगातार इसकी मेजबानी कर रहा है। ट्रॉफी शोकेस के साथ ही शहर में फुटबॉल का उत्साह चरम पर पहुंच गया है।
रांची में ग्रुप सी के होंगे सात मुकाबले
झारखंड की राजधानी रांची पहली बार प्रतिष्ठित डूरंड कप फुटबॉल टूर्नामेंट की मेजबानी कर रही है। 26 जुलाई से 16 अगस्त तक बिरसा मुंडा फुटबॉल स्टेडियम में कुल सात मुकाबले खेले जाएंगे, जिसमें ग्रुप सी के मैच और एक क्वार्टर फाइनल शामिल है। खेल प्रेमियों के लिए स्टेडियम में प्रवेश मुफ्त रहेगा।